विदिशा। मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने शनिवार को विदिशा नगर पालिका परिषद का औचक और सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उनके तेवर काफी सख्त नजर आए। आयुक्त ने न केवल फाइलों को खंगाला, बल्कि जमीन पर उतरकर विकास कार्यों की हकीकत भी जांची। निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता में कमी और धीमी रफ्तार को लेकर उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट कर दिया कि डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान कलेक्टर अंशुल गुप्ता, मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO), सहायक यंत्री और पी.डी.एम.सी. की तकनीकी टीम भी मौजूद रही।
डिजिटल गवर्नेंस: ई-नगरपालिका और ई-अटेंडेंस पर सख्ती
आयुक्त संकेत भोंडवे ने नगर पालिका कार्यालय के कामकाज की समीक्षा करते हुए 'डिजिटल गवर्नेंस' को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने निर्देश दिए कि ई-नगरपालिका, ई-अटेंडेंस और फ्यूल मैनेजमेंट सिस्टम (FMS) का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। आयुक्त का स्पष्ट मानना है कि जब तक व्यवस्थाएं पूरी तरह डिजिटल नहीं होंगी, तब तक पारदर्शिता लाना कठिन है। उन्होंने राजस्व वसूली की धीमी गति पर असंतोष जाहिर करते हुए निकाय की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग और शहर में ई-व्हीकल चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के आधुनिक सुझाव भी दिए।
मोबाइल लैब से ऑन-द-स्पॉट जांच, गुणवत्ता से समझौता नहीं
शहर में कायाकल्प अभियान के तहत बनाई जा रही सड़कों के निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बेहद सख्त रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही मोबाइल लैब बुलवाई और निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच कराई। आयुक्त ने ठेकेदारों और इंजीनियरों को चेतावनी दी कि सड़कों के निर्माण में अगर घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का सही उपयोग होना चाहिए और सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूरे होने चाहिए।
बस स्टैंड का कायाकल्प और 'गीत भवन' का नया प्रस्ताव
विदिशा शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए आयुक्त ने बस स्टैंड टर्मिनल को पीपीपी (PPP) मॉडल पर विकसित करने की योजना पेश की। उन्होंने इसके लिए आगामी 7 दिनों के भीतर एक विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। इसके साथ ही शहर की सांस्कृतिक विरासत और सुविधाओं को देखते हुए ‘गीत भवन’ के निर्माण के निर्देश भी दिए। उनका विजन है कि शहरी विकास में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाए ताकि विदिशा को एक स्मार्ट शहर के रूप में उभारा जा सके।
मॉडल पार्क बनेगा माधव उद्यान, बेतवा घाटों का होगा सौंदर्यीकरण
पर्यटन और पर्यावरण के लिहाज से आयुक्त ने माधव उद्यान को एक 'मॉडल पार्क' के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इस पार्क में दिव्यांगों के लिए विशेष पार्क, वरिष्ठ नागरिकों के लिए नाना-नानी पार्क, आधुनिक कैफेटेरिया और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधाएं होंगी। साथ ही, विदिशा की जीवनदायिनी बेतवा नदी के घाटों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण के लिए तकनीकी सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना: धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी
निरीक्षण के दौरान सबसे अधिक नाराजगी प्रधानमंत्री आवास योजना (AHP) के कार्यों को लेकर देखी गई। आवासों के निर्माण में हो रही देरी पर आयुक्त ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सख्त निर्देश दिए कि प्रति माह आवास आवंटन का लक्ष्य निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीबों के घर के सपने को लटकाना अक्षम्य है। पात्र हितग्राहियों को समय पर उनके घर की चाबियां मिलनी चाहिए।
आयुक्त संकेत भोंडवे के इस सघन निरीक्षण ने नगर पालिका के अमले में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के मानकों पर खरा न उतरने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।