
राघवेन्द्र दांगी विदिशा, 12 जून 2025]: क्या आपने कभी इतनी भव्यता देखी है? वो नज़ारा जिसने आज विदिशा की धरती को पावन कर दिया, वो अद्भुत पल जब एक गुरु और शिष्य का मिलन हुआ, उसने पूरे शहर को भक्तिमय कर दिया। पट्टाचार्य आचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने अपने विशाल संघ के साथ विदिशा में मंगल प्रवेश किया, और उनका स्वागत करने के लिए कोई और नहीं, बल्कि विदिशा के अपने नगर गौरव मुनि श्री समत्वसागर महाराज स-संघ उपस्थित थे। यह क्षण सिर्फ दो मुनिराजों का मिलन नहीं था, बल्कि आध्यात्मिक इतिहास में एक नया अध्याय लिख रहा था!
विदिशा बना फूलों का शहर: हर गली, हर मोहल्ला आचार्य श्री के रंग में रंगा!
कल्पना कीजिए... विदिशा की सड़कें दुल्हन की तरह सजी थीं। जहां तक नज़र जाती थी, रंगोली, स्वागत द्वार और फूलों की वर्षा... मानों पूरा शहर अपने सबसे बड़े मेहमान के स्वागत में पलकें बिछाए बैठा हो। सकल दि. जैन समाज समिति के पदाधिकारी हों या शहर की समाजसेवी संस्थाएं और व्यापारी, हर किसी ने मिलकर आचार्य श्री संघ के स्वागत में कोई कसर नहीं छोड़ी। जगह-जगह लगे स्वागत गेट पर खड़े श्रद्धालु कागज के फूलों की बारिश कर रहे थे, और पूरा वातावरण "जय-जयकार" के नारों से गूंज उठा था।
शोभायात्रा में श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान के प्रमुख पात्र अपने परिवार सहित घोड़ा बग्गी में शोभा बढ़ा रहे थे, साथ ही जैन ध्वज के साथ जैन धर्म की जयजयकार कर रहे थे। आचार्य श्री अपने मुनि संघ के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे, हर किसी के आतिथ्य को स्वीकार कर आशीर्वाद प्रदान कर रहे थे।
अरिहंत विहार में ऐतिहासिक अगवानी: जानिए आगे क्या होने वाला है!
पानबाग, डंडापुरा, तिलकचौक, निकासा, माधवगंज से होते हुए खरीफाटक रोड़ से अरिहंत विहार दि. जैन मंदिर तक पहुंची यह भव्य शोभायात्रा। यहां श्री सकल दि. जैन समाज समिति, श्री पारसनाथ दि. जैन मंदिर ट्रस्ट कमेटी, मुनि सेवक संघ, समस्त महिला मंडल मुनिसेवक संघ, मुनिराज सेवा समिति सहित विदिशा नगर के सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों ने आचार्य श्री संघ का पादप्रक्षालन और मंगल आरती उतारकर भावभीना स्वागत किया।
लेकिन रुकिए, कहानी यहीं खत्म नहीं होती! सकल दि. जैन समाज के प्रवक्ता अविनाश जैन, सह-प्रवक्ता अशोक गुड्डू, और कपिल जैन ने एक बड़ी घोषणा की है। कल, 13 जून गुरुवार से आचार्य श्री के संघ सानिध्य में आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान प्रारंभ होने जा रहा है। सुबह 6 बजे से मांगलिक क्रियाएं शुरू हो जाएंगी, और 9:15 बजे से आचार्य श्री की मंगल देशना का लाभ मिलेगा। दोपहर 3 बजे से प्रतिदिन स्वाध्याय कक्षा भी होगी।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सुरेशचंद्र एडवोकेट, संजय सेठ, ओमप्रकाश जैन, शैलेंद्र चौधरी, प्रदीप जैन एलआईसी, डॉ. ए.के. जैन, जय कुमार जैन, सौरभ लंदन जैसे कई पदाधिकारी अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने नगर के सभी धर्मश्रद्धालुओं से धर्मसभा और अन्य कार्यक्रमों में पधारने की अपील की है।
विदिशा में धर्म की यह बयार कितने लोगों के जीवन में शांति और समृद्धि लाएगी, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन एक बात तय है, आज का यह अद्भुत गुरु-शिष्य मिलन और भव्य स्वागत हमेशा विदिशा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज रहेगा।