
नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश की नरसिंहपुर पुलिस ने अपराधी को पकड़ने के लिए एक ऐसी मनोवैज्ञानिक चाल चली, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है। जिस माफिया को पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही थी, उसे मात्र 1 रुपये के इनाम ने सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
नरसिंहपुर का कुख्यात शराब तस्कर, जिस पर करीब 14 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, पिछले एक महीने से फरार चल रहे था। पुलिस उसे तलाश रही थी, लेकिन वह लगातार चकमा दे रहा था। आमतौर पर अपराधियों पर हजारों का इनाम घोषित होता है, लेकिन पुलिस अधीक्षक (SP) ने यहाँ एक अनोखी रणनीति अपनाई।
मनोवैज्ञानिक दबाव ने किया काम
पुलिस ने आरोपी पर महज 1 रुपये का प्रतीकात्मक इनाम घोषित कर दिया। इस कदम का मकसद आरोपी की सामाजिक हैसियत और उसके 'रसूख' को धूल चटाना था। अपराधियों के बीच खुद को 'बड़ा नाम' समझने वाले इस माफिया के लिए 1 रुपये का इनाम एक गहरी बेइज्जती बन गया।
> "जब अपराधी खुद को कानून से ऊपर समझने लगे, तो कभी-कभी उसकी 'ईगो' (अहंकार) पर चोट करना सबसे बड़ा हथियार होता है। 1 रुपये के इनाम ने उसे समाज में मजाक का पात्र बना दिया।"
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जेल से आते ही फिर शुरू किया धंधा
बता दें कि आरोपी महज चार महीने पहले ही शराब तस्करी के मामले में जेल से बाहर आया था। रिहाई के बाद सुधरने के बजाय वह फिर से अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। लेकिन इस बार पुलिस की 'स्मार्ट पुलिसिंग' के आगे उसकी एक न चली। सामाजिक बदनामी और मजाक बनने के डर से वह खुद ही थाने पहुंच गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश कर दिया है।