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मौत का क्लिनिक: ग़लत इंजेक्शन से गई महिला की जान, अस्पताल सील

2025-08-27  Editor Shubham Jain  1,673 views

 

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बीएमओ कार्यवाही करते हुए 


राघवेंद्र दांगी विदिशा, मध्य प्रदेश - विदिशा जिले के त्योंदा में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक अवैध क्लिनिक में गलत इलाज के कारण एक महिला की जान चली गई। बुखार का इलाज कराने आई 35 वर्षीय महिला को एक झोलाछाप डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध क्लिनिक को सील कर दिया है।

क्या हुआ था?

यह दर्दनाक घटना  त्योंदा तहसील के कस्बा बागरोद गांव में हुई। यहां डॉ. लखन रघुवंशी नाम का एक झोलाछाप डॉक्टर लंबे समय से बिना लाइसेंस के क्लिनिक चला रहा था। ग्राम बर्री की 35 वर्षीय महिला क्रांति बाई लोधी को पिछले कुछ दिनों से बुखार था, जिसका इलाज कराने वह इसी क्लिनिक पर पहुंची थी।

परिजनों के अनुसार, क्रांति बाई को हल्का बुखार था। डॉक्टर रघुवंशी ने इलाज के दौरान उसे एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही महिला की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। उसकी बिगड़ती हालत को देखकर परिजन तुरंत उसे त्यौदा स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। वहां के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बासौदा के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. परमेंद्र तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने बताया कि इस अवैध क्लिनिक के संचालन की जानकारी मिलते ही तत्काल राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर टीम भेजी गई। टीम ने जांच के बाद पाया कि क्लिनिक बिना किसी वैध अनुमति के चलाया जा रहा था।

डॉ. परमेंद्र तिवारी ने बताया कि महिला की मौत के मामले की जांच शुरू कर दी गई है और इसके आधार पर क्लिनिक को सील कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “यह एक गंभीर मामला है। एक अवैध क्लिनिक की वजह से एक महिला की जान गई है। हमने क्लिनिक को सील कर दिया है और आरोपी झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”

अवैध क्लिनिक: एक जानलेवा धंधा

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे गांव-देहात में चल रहे अवैध क्लिनिक लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। बिना डिग्री और अनुभव के ये झोलाछाप डॉक्टर लोगों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनकी जान को जोखिम में डालते हैं। ये अक्सर सस्ते इलाज का झांसा देते हैं, लेकिन उनके गलत इलाज और नकली दवाओं के कारण कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं या गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

स्थानीय प्रशासन को ऐसे अवैध क्लिनिकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की जरूरत है। लोगों को भी ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों से बचना चाहिए और केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में ही इलाज कराना चाहिए। आपकी एक छोटी सी लापरवाही आपकी और आपके परिवार की जान जोखिम में डाल सकती है।


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