ग्यारसपुर/विदिशा: क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ग्यारसपुर तहसील में संचालित एक आधार केंद्र पर आधार अपडेट के नाम पर मनमानी वसूली का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। vidishabharti.com की खबर का बड़ा असर हुआ है, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल एक्शन लेते हुए दोषी ऑपरेटर को ब्लैकलिस्ट कर मशीन जब्त कर ली है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, ग्यारसपुर तहसील मुख्यालय पर संचालित आधार केंद्र पर एक छात्रा अपना आधार कार्ड अपडेट कराने पहुंची थी। सरकारी नियमों के अनुसार आधार अपडेट के लिए एक मामूली शुल्क निर्धारित है, लेकिन यहां मौजूद ऑपरेटर शुभम दुबे ने छात्रा की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उससे ₹600 की मांग की। छात्रा ने जब इसकी शिकायत की, तो यह खबर आग की तरह फैल गई। vidishabharti.com ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा था।
प्रशासनिक जांच में खुली पोल
शिकायत मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ग्यारसपुर ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच दल द्वारा तैयार किए गए प्रतिवेदन में पाया गया कि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह सही थे और ऑपरेटर द्वारा अवैध वसूली की कोशिश की गई थी।
मशीन जब्त, ऑपरेटर हमेशा के लिए बाहर
जांच रिपोर्ट आने के तुरंत बाद प्रशासन ने सख्त तेवर दिखाए। दोषी आधार ऑपरेटर शुभम दुबे के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए उसके केंद्र को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। प्रशासन ने मौके से आधार मशीन को भी जब्त कर लिया है। विभागीय स्तर पर कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए मशीन को डी-एसोसिएट (DE-Associate) कर दिया गया है और संबंधित ऑपरेटर को ब्लैकलिस्ट की सूची में डाल दिया गया है। अब यह ऑपरेटर भविष्य में कभी भी आधार संबंधित सेवाएं नहीं दे पाएगा।
कलेक्टर और प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए सभी आधार संचालकों और सरकारी सेवा केंद्रों को स्पष्ट संदेश दिया है कि आम जनता के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या अतिरिक्त शुल्क वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित शुल्क से एक रुपया भी ज्यादा लेना अपराध की श्रेणी में आता है।
जनता से अपील: डरे नहीं, शिकायत करें
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे जागरूक बनें। यदि कोई भी आधार केंद्र संचालक, कियोस्क सेंटर या अन्य ऑनलाइन सेवा प्रदाता निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे मांगता है या काम करने में आनाकानी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत तहसील कार्यालय या संबंधित अधिकारियों को दें। आपकी एक शिकायत भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मददगार साबित होगी।
vidishabharti.com हमेशा से ही जनहित के मुद्दों को उठाता रहा है और आगे भी प्रशासन की ऐसी हर कार्रवाई से आपको अवगत कराता रहेगा।