
स्वाति श्रीवास्तव विदिशा जिले के शहर खेड़ा गांव में एक ऐसी प्रेम कहानी देखने को मिली जिसने समाज और कानून के बीच तालमेल का सुंदर उदाहरण पेश किया। ओवैस खान और शाइस्ता बी, जो एक-दूसरे को पसंद करते थे और निकाह करना चाहते थे, ने तमाम मुश्किलों के बावजूद अपनी राह चुनी।
ओवैस खान के परिवार ने पहले शाइस्ता के घर रिश्ता भेजा था, लेकिन शाइस्ता के परिवार ने इसे नामंजूर कर दिया। इसके बाद दोनों ने बातचीत शुरू की और परस्पर सहमति से शादी करने का फैसला किया। दोनों बालिग हैं और उन्होंने 15 जनवरी 2025 को भोपाल के कज़ियात ताजुल मस्जिद में जाकर निकाह कर लिया।
अपने निर्णय पर स्थिर रहने के बावजूद, उन्हें कुछ सामाजिक विरोध का सामना करना पड़ा। ऐसे में, उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मिलकर अपनी स्थिति बताई। पुलिस अधीक्षक ने उनकी बात ध्यान से सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि उनके अधिकारों और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इसके बाद, महिला थाने में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की गई। थाना प्रभारी के सामने दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर हर परिस्थिति में साथ निभाने का वादा किया। थाने के स्टाफ ने उनके साहस और प्रेम की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
विदिशा पुलिस ने अपने मानवीय दृष्टिकोण से यह संदेश दिया कि कानून न केवल सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि सच्चे रिश्तों का समर्थन भी करता है। यह पहल समाज के लिए एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई है।