भोपाल: राजधानी के शराब कारोबार में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आबकारी विभाग की टीमों ने सोम डिस्टलरी (Som Distillery) से जुड़ी शराब दुकानों पर एक साथ धावा बोल दिया। विभाग की इस ताबड़तोड़ छापेमारी ने अवैध कारोबारियों और नियमों की अनदेखी करने वालों की नींद उड़ा दी है।
अचानक हुई कार्रवाई से मचा हड़कंप
राजधानी भोपाल की लगभग सभी सोम डिस्टलरी से संबंधित दुकानों पर आबकारी अधिकारियों ने अचानक दस्तक दी। यह कार्रवाई इतनी गोपनीय और तेज थी कि संचालकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जैसे ही अधिकारियों की गाड़ियां दुकानों के बाहर रुकीं, शराब सिंडिकेट से जुड़े लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानों पर तो कर्मचारी रिकॉर्ड छोड़कर भागने की कोशिश करते भी दिखे।
क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई? (मुख्य कारण)
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विभाग को लंबे समय से सोम डिस्टलरी की सप्लाई चेन और दुकानों को लेकर गंभीर शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के पीछे ये 3 प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं:
नकली शराब की आशंका: बाजार में सोम ब्रांड के नाम पर मिलावटी या नकली शराब परोसे जाने की गुप्त सूचनाएं।
परमिट में हेरफेर: परिवहन परमिट (Transport Permit) में गड़बड़ी कर टैक्स चोरी की आशंका।
अवैध परिवहन: तय सीमा से अधिक और बिना रिकॉर्ड के शराब को एक स्थान से दूसरे स्थान पर खपाना।
दस्तावेजों और स्टॉक की बारीकी से जांच
निरीक्षण के दौरान आबकारी अधिकारी केवल स्टॉक की गिनती तक ही सीमित नहीं रहे। टीम ने दुकानों के सेल्स रजिस्टर, स्टॉक बुक और पिछले कुछ महीनों के परिवहन रिकॉर्ड को अपने कब्जे में ले लिया है। डिजिटल रिकॉर्ड और फिजिकल स्टॉक के बीच के अंतर को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
> अधिकारी का कथन: “हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जनता को बेची जा रही शराब मानक स्तर की हो और शासन को मिलने वाले राजस्व में कोई सेंधमारी न हो। गड़बड़ी पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी।”
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शराब सिंडिकेट में दहशत का माहौल
आबकारी विभाग की इस सख्ती ने भोपाल के शराब जगत में खलबली मचा दी है। जानकारों का मानना है कि सोम डिस्टलरी पर हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में अन्य बड़े समूहों पर होने वाली कार्रवाई का ट्रेलर हो सकती है। फिलहाल, कई दुकानों पर जांच जारी है और देर शाम तक बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा होने की उम्मीद है।