भोपाल: अगर आप अपने आसपास किसी को बिजली चोरी करते हुए देख रहे हैं, तो अब चुप रहने की जरूरत नहीं है। आपकी एक सूचना न केवल विभाग का घाटा कम करेगी, बल्कि आपकी जेब भी भर सकती है। मध्य प्रदेश बिजली विभाग ने बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसके तहत सूचना देने वाले मुखबिरों को 50,000 रुपये तक का भारी-भरकम इनाम दिया जाएगा।
बिजली विभाग का नया 'हथियार': मुखबिर योजना
बिजली चोरी विभाग के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है, जिससे राजस्व का भारी नुकसान होता है। अब विभाग ने जनता को ही अपना 'जासूस' बनाने का फैसला किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य अवैध कनेक्शनों और मीटर से छेड़छाड़ करने वालों पर नकेल कसना है।
कैसे और कितना मिलेगा इनाम? (इनाम का गणित)
विभाग ने इनाम की राशि को दो चरणों में बांटने का फैसला किया है, ताकि सूचना देने वाले का उत्साह बना रहे:
तत्काल भुगतान (Instant Reward): जैसे ही आपकी सूचना के आधार पर बिजली चोरी पकड़ी जाती है और पंचनामा बनता है, विभाग आपको पारितोषिक राशि का 5 फीसदी अथवा अधिकतम 25,000 रुपये का तुरंत भुगतान करेगा।
पूर्ण भुगतान (Final Reward): चोरी की गई बिजली की पूरी राशि विभाग द्वारा वसूल लिए जाने के बाद, मुखबिर को प्रोत्साहन राशि का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50,000 रुपये तक का भुगतान किया जाएगा।
गोपनीय रखी जाएगी आपकी पहचान
अक्सर लोग इस डर से शिकायत नहीं करते कि कहीं चोरी करने वाले को पता न चल जाए। लेकिन विभाग ने स्पष्ट किया है कि सूचना देने वाले मुखबिर की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। आप बिना किसी डर के विभाग के टोल-फ्री नंबर या संबंधित अधिकारी को बिजली चोरी, अवैध हुकिंग या मीटर बाईपास करने की जानकारी दे सकते हैं।
कार्रवाई का शिकंजा: भारी जुर्माने की तैयारी
सिर्फ इनाम ही नहीं, बल्कि बिजली चोरों के लिए विभाग ने सख्त सजा का भी प्रावधान किया है। बिजली चोरी पकड़े जाने पर न केवल भारी जुर्माना वसूला जाएगा, बल्कि दोषी पाए जाने पर जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। विभाग ने अपनी विजिलेंस टीमों को भी अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।
जागरूक बनें और लाभ उठाएं
बिजली विभाग की यह पहल आम जनता के लिए दोहरे फायदे वाली है। एक तरफ ईमानदार उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी, और दूसरी तरफ जागरूक नागरिक बनकर वे अच्छी कमाई भी कर सकेंगे। तो देर किस बात की? अगर आप भी जानते हैं कहीं हो रही है बिजली चोरी, तो बनिए विभाग के 'वीआईपी जासूस'।