
नर्मदापुरम जिले में रेत और मुरूम के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना ली है। कलेक्टर सोनिया मीना की सीधी निगरानी में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने मिलकर एक साथ कई ठिकानों पर धावा बोला। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अब नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं है।
नदी के बीचों-बीच चल रही थी पनडुब्बियां, टीम ने ऐसे घेरा
सबसे चौंकाने वाली कार्रवाई सिवनीमालवा तहसील के डिमावर और बाबरी क्षेत्र में हुई। यहाँ सीहोर जिले की सीमा से लगी नदी में माफियाओं ने दो विशालकाय पनडुब्बी मशीनें उतार रखी थीं, जो अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर रही थीं। अधिकारियों ने जब दबिश दी, तो माफियाओं में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने मौके से दोनों पनडुब्बियों को जब्त कर शिवपुर पुलिस थाने की अभिरक्षा में सुपुर्द कर दिया है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर भी शिकंजे में
सिर्फ नदी ही नहीं, बल्कि सड़कों पर भी प्रशासन का पहरा सख्त रहा। जिले की अलग-अलग तहसीलों में अवैध परिवहन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कुल 06 वाहन जब्त किए गए हैं:
सोहागपुर तहसील: यहाँ रेत का अवैध परिवहन करते हुए 04 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।
बनखेड़ी तहसील: यहाँ भी रेत से भरी 01 ट्रैक्टर-ट्रॉली को टीम ने अपने कब्जे में लिया।
डोलरिया तहसील: यहाँ मुरूम का अवैध परिवहन कर रहे 01 भारी डंपर को जब्त किया गया।
ये सभी वाहन फिलहाल पुलिस अभिरक्षा में हैं और इनके मालिकों पर भारी जुर्माने की तैयारी की जा रही है।
संयुक्त टीम की रणनीति रही कारगर
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए प्रशासन ने एक 'कोर टीम' बनाई थी। इसमें विजय राय (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, सिवनीमालवा), जय सोलंकी (अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, नर्मदापुरम), जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम, खनिज निरीक्षक पिंकी चौहान और कृष्णकांत सिंह परस्ते सहित होमगार्ड का बल शामिल रहा। अधिकारियों की इस सक्रियता ने अवैध खनन करने वालों की कमर तोड़ दी है।
कठोर नियमों के तहत होगी जेल और जुर्माना
जब्त किए गए सभी वाहनों और मशीनों के विरुद्ध मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोबारा कोई इस तरह की गतिविधियों में लिप्त पाया गया, तो सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ वाहन राजसात करने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी।