
MP Weather Alert: मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बड़ा 'खेला' होने वाला है। अगर आप सोच रहे हैं कि गुलाबी ठंड विदा हो रही है और अब चटक धूप का दौर शुरू होगा, तो जरा ठहरिए! मौसम विभाग (IMD) ने एक ऐसी चेतावनी जारी की है, जिसने प्रदेश के कई हिस्सों में हलचल मचा दी है। अगले 48 घंटों के भीतर आसमान में बादलों का डेरा होगा और फिर जो होगा, उसकी उम्मीद फिलहाल किसी को नहीं थी।
पश्चिमी विक्षोभ की एंट्री: क्या है पूरा माजरा?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में 16 फरवरी से एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। यह सिस्टम जैसे ही रफ्तार पकड़ेगा, इसका सीधा असर मध्य प्रदेश की फिजाओं पर पड़ेगा। भोपाल मौसम केंद्र (IMD Bhopal) ने अलर्ट जारी करते हुए बताया है कि 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है।
इन 8 जिलों पर मंडरा रहा है खतरा, रहें सावधान!
इस नए वेदर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में देखने को मिलेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के 8 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। अगर आप इन जिलों में रहते हैं, तो अपनी योजनाएं मौसम को देखकर ही बनाएं
ग्वालियर
श्योपुर
मुरैना
भिंड
दतिया
निवाड़ी
टीकमगढ़
छतरपुर
इन जिलों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी के आसार जताए गए हैं।
तापमान में उछाल: बारिश से पहले 'गर्मी' का अहसास
अजीब बात यह है कि बारिश आने से पहले लोगों को थोड़ी गर्मी या उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि बादलों के आने से दिन और रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हाल ही की बात करें तो 13-14 फरवरी की रात उज्जैन में न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक है। यानी पारा चढ़ेगा और फिर अचानक बारिश भिगोएगी।
फरवरी में 'बारिश की हैट्रिक'?
अगर 18 और 19 फरवरी को मध्य प्रदेश के इन हिस्सों में बारिश होती है, तो यह इस साल फरवरी महीने का तीसरा वर्षा दौर होगा। फरवरी में बार-बार हो रही इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह समय काफी नाजुक है।
अगले 4 दिनों का क्या है प्लान?
16 फरवरी: उत्तर-पश्चिम भारत में सिस्टम एक्टिव होगा।
17 फरवरी: एमपी के सीमावर्ती जिलों में बादलों की आवाजाही शुरू होगी।
18 फरवरी: शाम से ग्वालियर-चंबल संभाग में बूंदाबांदी की शुरुआत।
19 फरवरी: सागर संभाग और बुंदेलखंड के हिस्सों में बारिश का दौर।
कुल मिलाकर, अगले कुछ दिन एमपी के लिए 'वेदर रोलरकोस्टर' साबित होने वाले हैं। अचानक होने वाला यह बदलाव स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए सतर्क रहें और बदलते मौसम के साथ खुद का ख्याल रखें।