नरसिंहगढ़। "राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) कोई सामान्य सात दिवसीय गतिविधि मात्र नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन, एक विचार और एक पवित्र संस्कार है। जब युवा संगठित होकर समाज की सेवा में जुटते हैं, तो सफलता उनके कदम चूमती है।" यह ओजस्वी विचार साधना न्यूज़ चैनल के हेड और सुप्रसिद्ध समाजशास्त्री डॉ. अरुण सक्सेना ने पर्यटन ग्राम कोटरा में व्यक्त किए।
शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरसिंहगढ़ की NSS इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष नेतृत्व शिविर के तीसरे दिन डॉ. सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन कर रहे थे। उन्होंने युवाओं के भीतर राष्ट्र प्रेम और समाज सेवा की अलख जगाते हुए उन्हें भविष्य का कुशल नेतृत्वकर्ता बनने का मंत्र दिया।
“स्वस्थ शरीर से ही संभव है ज्ञान की प्राप्ति”
अपने ओजपूर्ण उद्बोधन में डॉ. अरुण सक्सेना ने स्वामी विवेकानंद के सिद्धांतों को आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत किया। उन्होंने एक अत्यंत रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि केवल ग्रंथों के पठन-पाठन से ज्ञान नहीं आता। उन्होंने स्पष्ट किया:
> “स्वामी विवेकानंद कहते थे कि केवल गीता पढ़ने से ज्ञान नहीं आता, बल्कि मैदान में फुटबॉल खेलने से जब शरीर सुदृढ़ और स्वस्थ होता है, तब ज्ञान प्राप्ति का मार्ग सुगम हो जाता है। एक सशक्त भारत के लिए युवाओं का शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है।”
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उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान और सामाजिक सरोकारों से जुड़ें, तभी वे समाज में सार्थक बदलाव ला पाएंगे।
कोटरा को 'पॉलिथीन मुक्त' बनाने का संकल्प
डॉ. अरुण सक्सेना के मार्गदर्शन से उत्साहित होकर एनएसएस स्वयंसेवकों ने कोटरा गांव को पॉलिथीन मुक्त बनाने का बीड़ा उठाया। रविवार को 'नशा मुक्ति, स्वच्छता और मतदान जागरूकता' के संकल्प के साथ गांव के मुख्य मार्गों पर जागरूकता रैली निकाली गई। स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों को समझाया कि पॉलिथीन न केवल धरती के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी घातक है। युवाओं के इस जज्बे को देखकर ग्रामीणों ने भी स्वच्छता बनाए रखने का आश्वासन दिया।
बौद्धिक सत्र में जुटे दिग्गज
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अरुण सक्सेना, वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. कमल आलोक प्रसाद, नायब तहसीलदार डी. एस. यादव, सरपंच सुनील कुमार कुशवाहा एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक शाक्यवार द्वारा माँ सरस्वती और स्वामी विवेकानंद के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया गया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. कमल आलोक प्रसाद ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए युवाओं को एकता का पाठ पढ़ाया। वहीं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक शाक्यवार ने बताया कि डॉ. सक्सेना जैसे व्यक्तित्व का मार्गदर्शन मिलना स्वयंसेवकों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है।
इन युवाओं ने प्रदर्शित किया सेवा का जज्बा
डॉ. सक्सेना के संबोधन से प्रेरित होने वालों में प्रमुख रूप से सीनियर स्वयंसेवक विशाल कश्यप, डाली जाटव, राम गुप्ता, सपन सक्सेना, पर्वत कुशवाहा सहित नेहा, सोयल, निशा, मनीषा, रिंकू, योगिता, पल्लवी, रामभरोसी, मंजू, अंजलि, काजल, किरण, रवीना, रचना, मुस्कान, राजल, सक्षम, पवन, नितेश, वर्षा, वर्षा लववंशी, प्रीता, रोहित, शुभम, मनजीत उमठ, सत्येंद्र और दीपक शामिल रहे।
कोटरा में लगा यह सात दिवसीय शिविर अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें डॉ. अरुण सक्सेना के विचारों ने युवाओं को नई दिशा प्रदान की है।