
भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन सियासी तपिश से भरा रहने वाला है। एक तरफ मोहन सरकार सदन में अपनी आर्थिक मजबूती का रोडमैप पेश करने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष 'दूषित पानी' और 'मौतों' के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह आक्रामक है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि आज का दिन हंगामे की भेंट चढ़ सकता है।
20 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट और आर्थिक सर्वेक्षण
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सदन में करीब 20 हजार करोड़ रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश करेंगे। सरकार इस बजट के जरिए प्रदेश की विकास योजनाओं को गति देने का दावा कर रही है। इसके साथ ही, प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी पटल पर रखा जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश की वित्तीय स्थिति और आगामी आर्थिक लक्ष्यों की तस्वीर साफ होगी। हालांकि, विपक्ष इन आंकड़ों को 'झुनझुना' बताकर घेरने की तैयारी में है।
गंदे पानी की बोतलें लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेसी
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। आज सुबह विधानसभा परिसर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक हाथों में गंदे पानी की बोतलें लेकर पहुंचे।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे तो कर रही है, लेकिन जनता को पीने का साफ पानी तक मुहैया नहीं करा पा रही है। इंदौर की घटना को लेकर विपक्ष सदन में स्थगन प्रस्ताव लाने और सरकार से जवाब मांगने पर अड़ा है।
पहले दिन का 'इतिहास': बिना भाषण पढ़े लौटे राज्यपाल
सत्र के पहले दिन की शुरुआत ही अभूतपूर्व हंगामे के साथ हुई थी। राज्यपाल मंगू भाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने इतना शोर-शराबा किया कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई। शोरगुल के बीच राज्यपाल अपना पूरा भाषण नहीं पढ़ सके और उन्हें सदन से जाना पड़ा। बाद में विधानसभा अध्यक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण को 'पढ़ा हुआ' मान लिया और आज उस पर चर्चा का समय तय किया है।
सरकार vs विपक्ष: वार-पलटवार का दौर
सत्ता पक्ष जहां एक ओर राज्यपाल के अभिभाषण के बहाने सरकार की उपलब्धियां गिनाने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह जनता के बुनियादी मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगा।
सरकार का पक्ष: "हम विकास के मुद्दे पर चर्चा को तैयार हैं। अनुपूरक बजट प्रदेश की प्रगति को रफ्तार देगा।"
विपक्ष का तेवर: "जब तक इंदौर की मौतों का हिसाब नहीं मिलता और दूषित पानी की समस्या हल नहीं होती, हम शांत नहीं बैठेंगे।"
आज सदन में अनुपूरक बजट के साथ-साथ आर्थिक सर्वेक्षण पर होने वाली बहस में तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है। क्या सरकार विपक्ष के सवालों का संतोषजनक जवाब दे पाएगी या फिर हंगामा आज भी कार्यवाही को बाधित करेगा? इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।