
सीधी, मध्य प्रदेश: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां बैंकिंग आसान हुई है, वहीं शातिर ठगों के हौसले भी सातवें आसमान पर हैं। ताज़ा मामला मध्य प्रदेश के सीधी जिले से सामने आया है, जहां देश की सीमा पर अपनी सेवाएं देकर लौटे एक रिटायर्ड सूबेदार मेजर के साथ धोखाधड़ी की गई है। बदमाशों ने बड़ी ही चालाकी से न केवल उनका एटीएम कार्ड बदला, बल्कि बातों के जाल में उलझाकर उनके खाते से 40 हजार रुपये पार कर दिए।
बातों-बातों में ऐसे बुना ठगी का जाल
घटना सीधी जिले के चुरहट तहसील अंतर्गत करौंदी पटपरा की है। यहां के निवासी रिटायर्ड सूबेदार मेजर राम जी भारती 18 जनवरी 2026 को शहर के एक एटीएम में पैसे निकालने पहुंचे थे। जब वह एटीएम मशीन में अपना कार्ड लगाकर ट्रांजैक्शन की कोशिश कर रहे थे, तभी वहां पहले से मौजूद दो अज्ञात युवकों ने उन्हें अपनी बातों में उलझा लिया।
बदमाशों ने बड़ी ही मासूमियत से सूबेदार भारती से कहा— "आपका एटीएम कार्ड खराब लग रहा है, इसकी चिप काम नहीं कर रही है।" सहायता करने के बहाने बदमाशों ने उनका कार्ड हाथ में लिया और इसी बीच बड़ी ही सफाई से उनका गोपनीय पिन (PIN) भी देख लिया। जब तक सूबेदार कुछ समझ पाते, बदमाशों ने बातों में उलझाकर उनका असली कार्ड बदल दिया और उन्हें दूसरा फर्जी कार्ड थमाकर वहां से रफूचक्कर हो गए।
बेटे के फोन ने उड़ा दिए होश
ठगी का अहसास राम जी भारती को तब हुआ जब वह वहां से निकल चुके थे। कुछ ही देर बाद उनके पुत्र के मोबाइल पर धड़ाधड़ मैसेज आने लगे। बेटे ने जब फोन कर पूछा— "पिताजी, क्या आपने अभी खाते से 40 हजार रुपये निकाले हैं?" यह सुनते ही रिटायर्ड मेजर के पैरों तले जमीन खिसक गई। बदमाशों ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके जीवन भर की कमाई के हिस्से से 40 हजार रुपये निकाल लिए थे।
पुलिस और प्रशासन के चक्कर काट रहा पीड़ित
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने सिटी कोतवाली सीधी पहुंचकर मामला दर्ज कराया और किओस्क बैंक जाकर अपना खाता सीज (Freeze) करवाया। हालांकि, घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं और बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा है।
न्याय की उम्मीद में पीड़ित राम जी भारती ने अब सोल्जर बोर्ड के माध्यम से जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने मीडिया को बताया कि वह एक सैनिक रहे हैं और इस तरह की ठगी ने उन्हें मानसिक रूप से आहत किया है। उन्होंने एसपी से मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज खंगालकर जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और उनकी राशि वापस दिलाई जाए।
एटीएम पर इन 5 बातों का रखें ध्यान (सावधानी ही बचाव है)
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एटीएम बूथ के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है। प्रशासन और बैंक लगातार अपील करते हैं:
एटीएम के अंदर किसी भी अजनबी से मदद न लें।
अपना एटीएम पिन दर्ज करते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें।
अगर कोई कहे कि कार्ड की चिप खराब है, तो तुरंत वहां से हट जाएं और बैंक कर्मचारी से संपर्क करें।
एटीएम से बाहर निकलने से पहले यह जरूर जांच लें कि आपके हाथ में मौजूद एटीएम कार्ड आपका ही है या नहीं।
किसी भी स्थिति में अपना पिन या ओटीपी किसी को न बताएं।