विदिशा (मध्य प्रदेश): जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बागरोदा में पुरानी रंजिश ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। मामूली विवाद से शुरू हुई बात इतनी बढ़ी कि एक शख्स ने अपने ही परिचित के सिर पर लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह खूनी संघर्ष 27 मार्च 2026 की शाम को हुआ। ग्राम बागरोदा निवासी सुरेश बाल्मीकि और राजू बाल्मीकि के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना उग्र हो गया कि राजू ने पास ही रखे लोहे के पाइप से सुरेश के सिर के पिछले हिस्से पर जोरदार हमला कर दिया।
हमले में सुरेश लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। आनन-फानन में डायल 112 की मदद से घायल को सिरोंज के शासकीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चोट इतनी गंभीर थी कि इलाज के दौरान सुरेश ने दम तोड़ दिया।
पुलिस की 'सुपरफास्ट' कार्रवाई
हत्या की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने तत्काल टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और SDOP रोशनी सिंह के मार्गदर्शन में पथरिया थाना पुलिस ने घेराबंदी शुरू की।
पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और घटना के मात्र 24 घंटे के भीतर आरोपी राजू बाल्मीकि (45 वर्ष) को धर दबोचा। पुलिसिया पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने बताया कि पुरानी रंजिश के कारण उसने गुस्से में आकर यह घातक कदम उठाया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
थाना प्रभारी ऋतुराज सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है:
धारा 103(1): हत्या के लिए दंड।
धारा 115(2): जानबूझकर चोट पहुँचाना।
धारा 296: अश्लील कृत्य और गाली-गलौज।
टीम की सफलता
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने और आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी ऋतुराज सिंह, एएसआई सत्यनारायण इक्के, आरक्षक अंकुश, सोनू राजपूत और रवि कुशवाह की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी को माननीय न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
निष्कर्ष: विदिशा पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध करने वाला चाहे कोई भी हो, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता। "अपराधियों पर सख्त, आमजन के प्रति संवेदनशील" का नारा यहाँ धरातल पर सच होता दिखा।