
राघवेन्द्र दांगी विदिशा, मध्य प्रदेश: विदिशा पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए चलाई जा रही "सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत" बुजुर्गों के लिए आशा की किरण बन रही है। यह साप्ताहिक पंचायत बुजुर्गों की पीड़ा सुनने और उन्हें न्याय दिलाने का एक महत्वपूर्ण मंच बन गई है। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में हुई हालिया पंचायत में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए।
भोपाल की सीनियर सिटीजन महिला कलाकार की दर्दनाक कहानी
पंचायत में भोपाल की एक वरिष्ठ महिला कलाकार ने फोन पर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि पति के निधन और बच्चों के दूर रहने के कारण वह अकेली रहती हैं। उनके जेठ उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें अपने ही घर से बेदखल होने का डर सता रहा है। पंचायत ने उन्हें हर हाल में अपना घर न छोड़ने की सलाह दी और भोपाल पुलिस अधिकारियों से तुरंत संपर्क कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया। यह घटना समाज में बुजुर्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
ठगी और घरेलू हिंसा के मामले भी आए सामने
* रियल एस्टेट धोखाधड़ी: भोपाल के एक वरिष्ठ चिकित्सक के साथ नौ साल पहले रियल एस्टेट निवेश के नाम पर हुई ठगी का मामला भी सामने आया। पंचायत ने धोखाधड़ी करने वालों से अगली सुनवाई में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
* बेटे की प्रताड़ना: गुलाबगंज के 80 वर्षीय एक बुजुर्ग ने अपने बेटे द्वारा की जा रही प्रताड़ना का दर्द बयां किया। पंचायत ने परिवार को समझाया और मामले को सुलझाने का प्रयास किया।
* शराबी बेटे का अत्याचार: पुरनपुरा निवासी एक वृद्ध महिला ने अपने शराबी बेटे द्वारा किए जा रहे अत्याचारों की शिकायत की, जिस पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के लिए मामला दर्ज किया है।
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध विदिशा पुलिस
इस बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के साथ वरिष्ठ कोर कमेटी सदस्य डॉ. सचिन, दिनेश वाजपेयी, अतुल शाह, प्रमोद व्यास, सी.आर.के. कुलश्रेष्ठ और अजय टंडन मौजूद रहे। विदिशा पुलिस ने एक बार फिर दोहराया है कि वह वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
क्या आप भी अपने आसपास ऐसे बुजुर्गों को जानते हैं जिन्हें मदद की ज़रूरत है?