विदिशा (मध्य प्रदेश): अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए विदिशा की दीपनाखेड़ा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नाबालिग बालिका के साथ छेड़छाड़ कर लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इंदौर (पीथमपुर) से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने साफ कर दिया है कि अपराधी कानून की नजरों से बचकर कहीं भी छिप जाए, वह पकड़ा ही जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 27 नवंबर 2025 का है, जब विदिशा जिले के दीपनाखेड़ा थाना क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ अभद्रता की घटना सामने आई थी। फरियादी की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी विनोद अहिरवार (उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम फुटेरा, जिला अशोकनगर) ने घर में घुसकर बालिका के साथ छेड़छाड़ की और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी।
इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 222/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी
घटना के बाद से ही आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और एसडीओपी सिरोंज सोनू डावर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रकाश भिलाला के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (Technical Surveillance) और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। पता चला कि आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने बिना देरी किए दबिश दी और आरोपी विनोद अहिरवार को धर दबोचा।
न्यायालय में पेशी और पुलिस टीम की सराहना
गिरफ्तार आरोपी को सिरोंज न्यायालय में पेश किया गया है, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रकाश भिलाला, प्रधान आरक्षक सुल्तान पटेल, दीपक सेंगर, आरक्षक राजकुमार रघुवंशी, अनिल कुशवाह और महिला आरक्षक रश्मि चौहान की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही।
विदिशा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला एवं बाल सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।