
विदिशा, मध्य प्रदेश: मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक घटना में, विदिशा जिला अस्पताल के अंदर एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। यह घटना उस समय सामने आई जब पीड़िता अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में अपने बीमार परिजनों की देखभाल कर रही थी। आरोपी ने पहले लड़की का भरोसा जीता और फिर मौका पाकर इस घिनौनी हरकत को अंजाम देने की कोशिश की।
ऐसे हुआ विश्वासघात
पीड़िता अपने परिजनों के साथ विदिशा के जिला अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में रुकी हुई थी। इसी वार्ड में आरोपी युवक के भी रिश्तेदार भर्ती थे। उसने मदद के बहाने नाबालिग से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे उसका विश्वास जीत लिया। पीड़िता को लगा कि वह एक मददगार व्यक्ति है, लेकिन उसकी नीयत कुछ और ही थी।
जब सामने आया घिनौना चेहरा
बताया जा रहा है कि दोपहर के समय जब पीड़िता के परिजन सो रहे थे, आरोपी ने इस सुनसान वक्त का फायदा उठाया। उसने नाबालिग को किसी बहाने से बहला-फुसलाकर अस्पताल के टॉयलेट में ले जाने की कोशिश की। वहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। लेकिन नाबालिग ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी सुरक्षा के लिए जोर-जोर से चिल्लाई।
चीख सुनकर लोगों ने पकड़ा आरोपी को
पीड़िता की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने लड़की को बचाया और आरोपी को वहीं दबोच लिया। यह देख अस्पताल में हड़कंप मच गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
कोतवाली थाना टीआई आनंद राज ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। उसकी उम्र और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराध करने वाले किसी भी जगह को नहीं छोड़ते। एक ऐसा स्थान, जहां लोग जिंदगी और मौत से जूझ रहे होते हैं, वहां भी मासूमों की सुरक्षा खतरे में है। इस घटना से अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह खबर न केवल एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है कि हमें हर जगह सतर्क रहने की जरूरत है। पीड़ित नाबालिग की हिम्मत ने उसे एक बड़े खतरे से बचाया।