
विदिशा। सरकारी दफ्तरों में लेटलतीफी और काम से नदारद रहने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं है। विदिशा में शासन के सख्त तेवरों का असर उस समय देखने को मिला, जब अपर कलेक्टर अनिल कुमार डामोर अचानक निरीक्षण करने निकल पड़े। इस 'सरप्राइज विजिट' ने कलेक्ट्रेट परिसर और अन्य विभागों में खलबली मचा दी। निरीक्षण के दौरान एक-दो नहीं, बल्कि कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपनी कुर्सियों से गायब मिले, जिन्हें अब कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) थमाए जा रहे हैं।
खाली कुर्सियां देख भड़के अपर कलेक्टर
अपर कलेक्टर डामोर सबसे पहले जिला खेल अधिकारी के कार्यालय और पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित विभिन्न विभागों में पहुँचे। यहाँ का नजारा देखकर वे दंग रह गए। जिला खेल विभाग में तो जैसे 'अघोषित छुट्टी' का माहौल था। जिला खेल अधिकारी प्रदीप रावत समेत श्रीमती ज्योति ठाकुर, वी.एस. बुंदेला, अमीर खान, अजय चौहान और संतोष जैसे कई जिम्मेदार कर्मचारी ड्यूटी से गायब पाए गए। विभाग में केवल धीरेंद्र मिश्रा और प्रीति मारोठिया ही अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले।
शिक्षा से लेकर मत्स्य विभाग तक लापरवाही का आलम
निरीक्षण का काफिला जब जिला शिक्षा केंद्र पहुँचा, तो वहां भी संविदा लेखपाल उमा कलावत और चपरासी जुगराज सिंह नदारद मिले। यही हाल जन अभियान परिषद का रहा, जहाँ लेखपाल संग्राम बाइकर और डाटा एंट्री ऑपरेटर मोनिका सोनी अनुपस्थित पायी गईं।
लापरवाही का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका:
नगर एवं ग्राम निवेश विभाग: सहायक ग्रेड-3 स्नेहलता सोनी, मानचित्रकार अयूब खान और कविता कलावत गायब मिले।
पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विभाग: राजेंद्र बाबू अहिरवार (अस्थायी कर्मी) अनुपस्थित रहे।
मत्स्य विभाग: निरीक्षक आदित्य सरपाम और कार्यालय सहायक मोहन गिरी अपनी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
साफ-सफाई और अनुशासन पर सख्त हिदायत
अपर कलेक्टर ने केवल हाजिरी रजिस्टर ही नहीं खंगाला, बल्कि दफ्तरों की व्यवस्थाओं का भी बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने कार्यालयों में फैली गंदगी और अस्त-व्यस्त रिकॉर्ड्स को देखकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि:
कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
कार्यालयों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
शासकीय अभिलेखों (Documents) को सुव्यवस्थित तरीके से रखा जाए।
होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनता के काम में बाधा डालने वाली लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अनुपस्थित पाए गए सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस औचक कार्रवाई से पूरे जिले के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।