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विदिशा में पेट्रोल पंप पर प्रशासन का शिकंजा, औचक निरीक्षण में बड़ा खुलासा।

2025-07-22  Editor Shubham Jain  908 views

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राघवेंद्र दांगी विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में पेट्रोल पंपों पर चल रही धांधली और कालाबाजारी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। कलेक्टर अंशुल गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद हरकत में आए प्रशासनिक अमले ने एक पेट्रोल पंप पर छापा मारकर 14 लाख 30 हजार रुपये से अधिक मूल्य का अवैध पेट्रोल और डीजल का स्टॉक जब्त किया है। इस औचक औरi कार्रवाई ने जिले भर के पेट्रोल पंप संचालकों के बीच हड़कंप मचा दिया है और यह संकेत दिया है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन का एक्शन मोड और औचक निरीक्षण की रणनीति

पिछले कुछ समय से विदिशा जिला प्रशासन को लगातार पेट्रोल पंपों पर अनियमितताओं, घटतौली और ईंधन की कालाबाजारी से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने एक विशेष रणनीति के तहत जिले के सभी पेट्रोल और डीजल पंपों के औचक निरीक्षण के लिए कई जांच दलों का गठन किया। इन दलों में आपूर्ति विभाग, नापतौल विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया। इन दलों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पंप संचालक सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं या नहीं, और ग्राहकों को सही मात्रा में सही गुणवत्ता का ईंधन मिल रहा है या नहीं।

गंजबासौदा में बड़ी कार्रवाई: ऐसे हुआ खुलासा

इसी रणनीति के तहत, जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल तंतुवाय के नेतृत्व में एक जांच दल ने गंजबासौदा अनुविभाग क्षेत्र में स्थित मेसर्स आशीष ऑटोमोबाइल्स नामक पेट्रोल पंप पर औचक दस्तक दी। टीम के पहुंचते ही पंप कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। अधिकारियों ने सबसे पहले पंप के स्टॉक रजिस्टरों को अपने कब्जे में लिया और फिर भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की।

एक-एक करके पेट्रोल और डीजल के भूमिगत टैंकों (अंडरग्राउंड टैंक्स) की जांच की गई और उनका मिलान स्टॉक रजिस्टर में दर्ज आंकड़ों से किया गया। घंटों चली इस जांच प्रक्रिया के बाद जो परिणाम सामने आया, वह चौंकाने वाला था। जांच में पाया गया कि पंप के स्टॉक में 6,420 लीटर पेट्रोल और 8,130 लीटर डीजल कम था। इस विशाल अंतर का कोई भी संतोषजनक जवाब पंप संचालक या मौके पर मौजूद कर्मचारी नहीं दे पाए। जब्त किए गए इस अवैध ईंधन का कुल बाजार मूल्य 14 लाख 30 हजार 988 रुपये आंका गया है। प्रशासन को अंदेशा है कि इस ईंधन को अवैध रूप से बाजार में बेचा जा रहा था।

सिर्फ स्टॉक ही नहीं, सुविधाओं में भी भारी धांधली

जांच दल ने पाया कि यह पेट्रोल पंप केवल ईंधन के स्टॉक में ही हेरफेर नहीं कर रहा था, बल्कि ग्राहकों को दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं के मामले में भी घोर लापरवाही बरत रहा था। मौके पर पाई गई अन्य गंभीर अनियमितताएं इस प्रकार हैं:

 * अधूरी मूल्य सूची: पेट्रोल पंप पर दैनिक पेट्रोल और डीजल के भाव वाली मूल्य सूची अपडेट नहीं की गई थी, जो कि एक अनिवार्य नियम है। इससे ग्राहकों को सही कीमत की जानकारी नहीं मिल पा रही थी।

 * बुनियादी सुविधाओं का अभाव: नियमों के अनुसार प्रत्येक पेट्रोल पंप पर यात्रियों और ग्राहकों के लिए पीने के साफ पानी और स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था अनिवार्य है। लेकिन, आशीष ऑटोमोबाइल्स पर इन दोनों ही महत्वपूर्ण सुविधाओं का घोर अभाव पाया गया। शौचालय गंदे और अनुपयोगी स्थिति में थे और पीने के पानी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी।

 * सुरक्षा मानकों की अनदेखी: जांच के दौरान सुरक्षा मानकों, जैसे कि अग्निशमन यंत्रों की स्थिति और अन्य सुरक्षा उपायों में भी कमियां पाई गईं।

कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू

इन सभी गंभीर अनियमितताओं और स्टॉक में भारी गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पूरे अवैध स्टॉक को जब्त कर लिया। जिला आपूर्ति अधिकारी अनिल तंतुवाय ने बताया कि पंप संचालक द्वारा मोटर स्पिरिट और उच्च वेग डीजल (प्रदाय तथा वितरण विनियमन और अनाचार निवारण) आदेश की विभिन्न कंडिकाओं का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है।

इस संबंध में, पंप संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर एक विस्तृत प्रतिवेदन तैयार किया गया है। संचालक को "कारण बताओ सूचना पत्र" (Show Cause Notice) जारी कर दिया गया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनके पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द कर दिया जाए। इस नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं के लिए संदेश और आगे की राह

विदिशा प्रशासन की यह बड़ी कार्रवाई उन सभी बेईमान संचालकों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो उपभोक्ताओं को धोखा देकर मुनाफाखोरी करने में लगे हैं। कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे और किसी भी कीमत पर उपभोक्ताओं के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई आम जनता को भी यह विश्वास दिलाती है कि यदि वे किसी भी पेट्रोल पंप पर अनियमितता पाते हैं, तो उनकी शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होगी। प्रशासन का यह कदम न केवल कालाबाजारी पर रोक लगाएगा, बल्कि जिले में एक स्वच्छ और पारदर्शी व्यापारिक माहौल बनाने में भी मददगार साबित होगा।


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