विदिशा। संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से विदिशा नगर के बच्चों के स्वास्थ्य और बौद्धिक विकास के लिए एक महा-अभियान का शंखनाद हो चुका है। आगामी 8 जनवरी, गुरुवार को सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वावधान में नगर के समस्त प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में 'स्वर्णप्राशन' पिलाने का विशाल आयोजन किया जा रहा है।
इस महा-अभियान को सफल बनाने के लिए मुनि संघ के सानिध्य में तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं। रविवार दोपहर को हुई एक विशेष सभा में योजना को अंतिम रूप देते हुए 150 टीमों का गठन किया गया, जिसमें शहर के 450 उत्साही कार्यकर्ता अपनी सेवाएं देंगे।
आचार्य श्री के द्वितीय समाधि दिवस पर विशेष उपहार
प्रवक्ता अविनाश जैन 'विद्यावाणी' ने जानकारी दी कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का द्वितीय समाधि दिवस (हिंदी तिथि अनुसार) 27 जनवरी को आ रहा है। इस पुण्य अवसर के उपलक्ष्य में, 8 जनवरी को ही नगर के लगभग 50 हजार बच्चों को स्वर्णप्राशन की खुराक दी जाएगी।
यह आयुर्वेदिक औषधि आचार्य श्री के आशीर्वाद से पूर्णायु (जबलपुर) और शांतिधारा (बीनाबारह) के सहयोग से विशेष रूप से तैयार की गई है, जो बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) और याददाश्त बढ़ाने में सहायक मानी जाती है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ
इस पुनीत कार्य की औपचारिक शुरुआत भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पहले ही की जा चुकी है। अब 8 जनवरी को जमीन स्तर पर कार्यकर्ता स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पहुंचकर बच्चों को यह सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत पूज्य गुरुदेव के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण के साथ होगी।
मुनि संघ ने दिया प्रशिक्षण और आशीर्वाद
रविवार को मुनि संघ के सानिध्य में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बनता था। मुनि श्री ने सभी को आशीर्वाद देते हुए सेवा कार्य के लिए प्रेरित किया।
* टीम गठन: कुल 150 टीमें बनाई गई हैं।
* कार्यकर्ता: प्रत्येक टीम में 3 सदस्य शामिल रहेंगे।
* प्रशिक्षण: अनुभवी टीम द्वारा कार्यकर्ताओं को दवा की दो बूंद पिलाने का सही तरीका सिखाया गया।
* रिर्पोटिंग: सभी टीमें अपना कार्य पूर्ण कर स्टेशन जैन मंदिर स्थित मुख्य कमेटी को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेंगी।
सभी टीम लीडरों को आवश्यक सामग्री, बैनर और किट का वितरण कर दिया गया है। 8 जनवरी की सुबह ये टीमें अपने निर्धारित स्थलों पर पहुंचकर इस सेवा यज्ञ की आहुति देंगी।