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विदिशा में हाई-वोल्टेज ड्रामा: 150 फीट ऊँचे टावर पर चढ़ा युवक, शमशाबाद पुलिस ने ऐसे बचाई जान

2026-01-10  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  339 views

ImgResizer_IMG-20260110-WA0019विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के शमशाबाद इलाके में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शख्स अपनी जान देने की जिद पर अड़ गया। ग्राम वर्धा में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से नाराज होकर मनफूल धाकड़ नाम का व्यक्ति देखते ही देखते 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर के शिखर पर जा पहुंचा। करीब कई घंटों तक चले इस 'शोले स्टाइल' ड्रामे ने प्रशासन और ग्रामीणों की सांसें अटका दीं। लेकिन शमशाबाद पुलिस की सूझबूझ और संवेदनशीलता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार (9 जनवरी 2026) को ग्राम वर्धा में राजस्व विभाग की टीम अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई करने पहुंची थी। इस प्रशासनिक कार्रवाई से मनफूल धाकड़ इतना क्षुब्ध हुआ कि उसने आत्मघाती कदम उठाने का फैसला कर लिया। वह गांव में स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया और वहां से नीचे कूदने की धमकी देने लगा। टावर की ऊंचाई और युवक के गुस्से को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के हाथ-पांव फूल गए।

पुलिस की जांबाजी और सूझबूझ

जैसे ही इस घटना की खबर शमशाबाद थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार को मिली, उन्होंने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला। पुलिस अधीक्षक (SP) रोहित काशवानी के निर्देशन में पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। युवक को नीचे उतारने के लिए पुलिस ने एक खास रणनीति अपनाई:

 * संवाद की शुरुआत: पुलिस ने शोर-शराबा करने के बजाय धैर्य रखा और लाउडस्पीकर के जरिए युवक से बात शुरू की।

 * मानसिक दबाव कम किया: मोबाइल फोन के जरिए मनफूल से लगातार संपर्क साधा गया और उसकी समस्याओं को सुनने का भरोसा दिया गया।

 * धैर्यपूर्ण समझाइश: मौके पर मौजूद तहसीलदार हेमलता पाल और नायब तहसीलदार दर्शनलाल नेगी ने भी युवक को कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा का आश्वासन दिया।

एक बड़ी दुर्घटना टली

कड़ी मशक्कत और घंटों के संवाद के बाद, पुलिस की समझाइश रंग लाई। मनफूल का गुस्सा शांत हुआ और वह सुरक्षित रूप से नीचे उतरने को तैयार हो गया। जब वह नीचे उतरा, तब प्रशासन और वहां मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अच्छी बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

इनकी रही सराहनीय भूमिका

इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में शमशाबाद पुलिस की तत्परता की हर तरफ तारीफ हो रही है। इस ऑपरेशन में निरीक्षक वीरेन्द्र कुमार, प्रधान आरक्षक अरुण द्विवेदी, रामकरण मालवीय, आरक्षक गजराज दुबे, दिलीप ठाकुर और अजीत सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस की इस कार्यप्रणाली ने साबित कर दिया कि वर्दी केवल कानून का डंडा ही नहीं, बल्कि संकट में फंसे नागरिक की ढाल भी है।

अक्सर देखा जाता है कि इस तरह के मामलों में जरा सी चूक बड़े हादसे का सबब बन जाती है, लेकिन विदिशा पुलिस ने शांति और धैर्य के साथ काम लेकर एक परिवार को उजड़ने से बचा लिया। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


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