शुभम जैन विदिशा।
नशा मुक्त भारत का नारा लगाते-लगाते पुलिस ने इस बार नशे के खेल की एक नई खिलाड़ी को रंगे हाथों धर दबोचा। खरी फाटक ओवरब्रिज के नीचे गांजे की खेप लिए एक महिला टकटकी लगाए खड़ी थी — मानो ग्राहक का इंतजार कर रही हो, पर इस बार ग्राहक नहीं, पुलिस पहुंच गई।
1.5 किलो ‘हरियाली’ के साथ गिरफ्तार
11 अप्रैल को सिविल लाइन थाना की टीम को मुखबिर से खबर मिली कि इलाके में एक महिला गांजे का झोला थामे खड़ी है। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए दबिश मारी और संदिग्ध महिला की तलाशी ली। झोले में से निकला 1.5 किलो गांजा — जिसकी बाजार में कीमत करीब 15 हजार रुपये बताई जा रही है।
किरदार का नाम, नशे की कहानी
गिरफ्तार महिला की पहचान ज्योति कुचबंदिया के रूप में हुई है, जो शेरपुरा टीला की निवासी है। आरोपी पर NDPS एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस की प्लानिंग, नशेबाज़ों की उलझन
थाना प्रभारी विमलेश राय और उनकी टीम — उप निरीक्षक दौलत सिंह और महिला आरक्षक यशवंती यादव की इस कार्रवाई ने इलाके में नशा कारोबारियों की नींद उड़ा दी है। अब हर ओवरब्रिज के नीचे खड़ा हर शख्स पुलिस की नजरों में ‘संदिग्ध’ हो सकता है।
पुलिस की चेतावनी, “खेल खल्लास कर देंगे”
पुलिस ने साफ संदेश दिया है — अगर कोई भी नशे का सौदा करने की सोच रहा है, तो पहले थाने का रास्ता भी याद कर ले। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी नशे का कारोबार या संदिग्ध हरकतें दिखें, तो तुरंत खबर करें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
अब सवाल ये है कि अगली ‘खेल की खिलाड़ी’ कौन होगी और अगला ओवरब्रिज किसका अड्डा बनने वाला है?
जवाब पुलिस के पास है — और इस बार ‘डोज’ कड़क है।