VIDISHA BHARTI

collapse
...
Home / Politics/राजनीति / वेतन रोकने के पीछे 'गलत विवरण' का खेल? शिक्षक ने BEO कार्यालय पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग

वेतन रोकने के पीछे 'गलत विवरण' का खेल? शिक्षक ने BEO कार्यालय पर लगाए गंभीर आरोप, जांच की मांग

2025-12-10  Reporter vidisha Raghvendra Dangi  391 views

ImgResizer_20251210_0721_12736

सिरोंज (विदिशा): मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान में हो रही लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। सिरोंज तहसील के शासकीय हाई स्कूल रतनबर्री के एक शिक्षक को पिछले कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित शिक्षक ने अब सीधे कलेक्टर से गुहार लगाई है और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

वेतन नहीं, सिर्फ चक्कर! क्या है पूरा मामला?

शासकीय हाई स्कूल रतनबर्री, जो भगवंतपुर संकुल केंद्र के अंतर्गत आता है, के शिक्षक वेदप्रकाश राजपूत ने कलेक्टर विदिशा को एक लिखित आवेदन सौंपकर अपनी पीड़ा बताई है। शिक्षक वेदप्रकाश राजपूत का आरोप है कि उन्हें अगस्त 2025 माह का वेतन अब तक नहीं मिल पाया है।

राजपूत ने बताया कि वेतन भुगतान के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज उन्होंने 26 अगस्त 2025 को ही संकुल प्रभारी को सौंप दिए थे। नियमतः इन दस्तावेजों के मिलने के तुरंत बाद वेतन आदेश जारी कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। एक महीने से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी शिक्षक का वेतन नहीं बना है।

> शिक्षक वेदप्रकाश राजपूत ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि बार-बार निवेदन करने और BEO (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) कार्यालय के चक्कर लगाने के बावजूद भी 'जानबूझकर' वेतनादेश जारी नहीं किया जा रहा है।

'गलत विवरण' भेजने से अटकी प्रक्रिया: लापरवाही या साजिश?

वेतन न मिलने के पीछे की वजह बताते हुए शिक्षक ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि BEO कार्यालय द्वारा वेतन संबंधी विवरण (Details) ही गलत भेजे गए, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया बीच में ही अटक गई है।

शिक्षक का यह भी कहना है कि वे लगातार सही विवरण जमा करने के लिए प्रयासरत हैं, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई उनकी सुनने को तैयार नहीं है। इस तरह की विभागीय लापरवाही न सिर्फ शिक्षक को आर्थिक तौर पर परेशान कर रही है, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रही है।

कलेक्टर से निर्णायक कार्रवाई की मांग

शिक्षक वेदप्रकाश राजपूत ने अब इस मामले में कलेक्टर विदिशा से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने अपने आवेदन में दो प्रमुख मांगें रखी हैं:

 * वेतन का तत्काल भुगतान: अगस्त 2025 से रुका हुआ वेतन बिना किसी और देरी के तुरंत जारी किया जाए।

 * दोषियों पर कड़ी कार्रवाई: वेतन प्रक्रिया को अटकाने और गलत विवरण भेजने के लिए जिम्मेदार BEO कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोहराई न जाए।

शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक शिक्षक का नहीं है, बल्कि कई बार ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को वेतन भुगतान में ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हालांकि, सीधे कलेक्टर तक मामला पहुंचने से अब इस पर तत्काल संज्ञान लिए जाने की संभावना बढ़ गई है।

आर्थिक संकट से जूझ रहा शिक्षक परिवार

वेतन रुकने से शिक्षक राजपूत और उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरी चीजों के लिए पैसों की किल्लत हो गई है। शिक्षक ने उम्मीद जताई है कि कलेक्टर महोदय उनकी शिकायत पर त्वरित और प्रभावी कदम उठाएंगे, जिससे उन्हें जल्द से जल्द न्याय मिल सके।

आगे क्या?

अब सबकी निगाहें कलेक्टर विदिशा पर टिकी हैं कि वे इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कलेक्टर इस मामले की समयबद्ध जांच का आदेश देते हैं और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कर शिक्षक को न्याय दिलाते हैं या नहीं।


Share:

26