
खंडवा जिले के गुड़ी रेंज के नहारमाल क्षेत्र में स्थित खामाखुजरी जंगल में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई अचानक हिंसक मोड़ पर पहुंच गई। वन विभाग, राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बीते दो दिनों से यहां अतिक्रमण हटाने के अभियान में जुटी थी। अधिकारियों के अनुसार, अतिक्रमणकारियों ने लगभग 10,000 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है।
कैसे हुआ हमला?
टीम जब जंगल में फसलों को नष्ट करने पहुंची, तो अतिक्रमणकारियों ने एकजुट होकर अचानक हमला कर दिया। पत्थरों और लाठियों से लैस अतिक्रमणकारियों ने टीम को घेर लिया और उन पर पथराव शुरू कर दिया। इस हमले में 8 से 10 वन कर्मी घायल हो गए। इतना ही नहीं, अतिक्रमणकारियों ने जेसीबी मशीन पर भी हमला किया और उसके कांच तोड़ दिए।
टीम को भागना पड़ा
हालात इतने बिगड़ गए कि वन विभाग की टीम को अपनी जान बचाकर मौके से भागना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें अतिक्रमणकारियों द्वारा किए गए पथराव और तोड़फोड़ को देखा जा सकता है। घायल कर्मियों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जमीन पर फसल उगाकर कब्जा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
अभियान जारी रहेगा
वन विभाग का कहना है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो, अतिक्रमण हटाने का यह अभियान रुकेगा नहीं। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है।
पृष्ठभूमि
खंडवा जिले का यह क्षेत्र लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा जंगल की जमीन पर कब्जा कर खेती की जा रही है, जिससे वन क्षेत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सरकार की ओर से यह कार्रवाई पर्यावरण को संरक्षित रखने और वन भूमि को पुनः स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।
अतिक्रमणकारियों के खिलाफ इस हिंसक प्रतिक्रिया ने प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटते हैं।