
विदिशा, मध्यप्रदेश। वन विभाग ने जंगल की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। वनमंडलाधिकारी हेमंत यादव के कड़े निर्देशों पर, लटेरी वन परिक्षेत्र में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 (अ)(1) के तहत अतिक्रमण बेदखली का अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में लगभग 20 से 25 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जो वन क्षेत्र को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ी सफलता है।
🚜 जेसीब मशीन से नष्ट की गईं अवैध फसलें
वन परिक्षेत्र अधिकारी लटेरी दक्षिण, विवेक चौधरी, के नेतृत्व में यह कार्रवाई बीट मुंडेला, कक्ष क्रमांक पी–383 में दर्ज 12 अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध की गई। इन अतिक्रमणकारियों ने वन भूमि पर अवैध रूप से फसलें बो रखी थीं, जिन्हें हटाने के लिए विभाग को तीन जेसीबी मशीनों की मदद लेनी पड़ी।
अवैध फसलों को नष्ट करने के बाद, विभाग ने तुरंत वन भूमि की बहाली का काम शुरू कर दिया। अतिक्रमण से मुक्त हुई जमीन पर कंटूर बनाकर बबूल के बीज बोए गए और भविष्य में पशुओं के प्रवेश को रोकने के लिए सीमा पर पशु अवरोधक खंती (ट्रेंच) तैयार की गई। यह कार्रवाई न केवल अतिक्रमण को हटाने, बल्कि वन क्षेत्र को उसके प्राकृतिक स्वरूप में वापस लाने की विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
⚠️ अतिक्रमणकारियों पर पहले भी दर्ज हो चुकी है FIR
वन विभाग की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिन अतिक्रमणकारियों पर यह एक्शन लिया गया है, वे पहले भी वन अमले के साथ विवाद कर चुके हैं। गौरतलब है कि 18 मार्च 2024 को इन अतिक्रमणकारियों ने वन कर्मचारियों के साथ विवाद किया था, जिसके संबंध में थाना लटेरी में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की गई थी। इस पुरानी घटना के बाद, आज की सख्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वन विभाग अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और वन भूमि की रक्षा के लिए पूरी तरह गंभीर है।
🤝 संयुक्त टीम की मौजूदगी में चला अभियान
इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्रवाई को सफल बनाने के लिए वन विभाग को अन्य प्रशासनिक विभागों का भी सहयोग मिला। कार्रवाई के दौरान एसडीओ (वन) हिमांशु त्यागी, एसडीओपी लटेरी, थाना प्रभारी लटेरी और तहसीलदार लटेरी सहित पर्याप्त पुलिस बल और राजस्व स्टाफ मौके पर मौजूद रहा। विभिन्न विभागों की यह संयुक्त टीम कार्रवाई की निष्पक्षता और प्रभावशीलता सुनिश्चित करती है।
वनमंडलाधिकारी यादव ने साफ शब्दों में कहा है कि "वन भूमि पर अवैध कब्जा या खेती बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वन विभाग ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रखेगा ताकि वन क्षेत्र सुरक्षित और संरक्षित रह सके।" यह बयान स्पष्ट करता है कि लटेरी और आसपास के क्षेत्रों में वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ आने वाले समय में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।