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विकसित कृषि संकल्प अभियान: किसानों के खेतों तक पहुंचा विज्ञान, शिवराज सिंह चौहान की दूरगामी सोच का नतीजा!

2025-06-12  Amit raikwar  756 views

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राघवेन्द्र दांगी  विदिशा, मध्य प्रदेश: विदिशा जिले में 29 मई 2025 से चल रहा महत्वाकांक्षी "विकसित कृषि संकल्प अभियान" आज, 12 जून 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह अभियान, जो किसानों को सीधे कृषि वैज्ञानिकों और नवीनतम तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरगामी सोच का परिणाम बताया जा रहा है। इस 15 दिवसीय अभियान ने जिले के हजारों किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों और सरकारी योजनाओं से रूबरू कराया, जिससे कृषि क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
खेतों तक पहुंचे वैज्ञानिक: बदल रही है ग्रामीण कृषि की तस्वीर


अभियान के समापन दिवस पर विकासखंड ग्यारसपुर के ग्राम चीकली, बरवाई और धोखेड़ा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें स्थानीय विधायक हरिसिंह रघुवंशी भी शामिल हुए। ग्राम चीकली में किसानों को संबोधित करते हुए विधायक हरिसिंह रघुवंशी ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि "यह केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरगामी सोच का ही परिणाम है कि बड़े-बड़े कृषि वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्रों से निकलकर सीधे किसानों के गांवों और खेतों तक आ रहे हैं।"


विधायक ने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक अब स्थानीय किसानों से सीधे चर्चा कर रहे हैं और उनकी खेती की आवश्यकताओं को समझ रहे हैं। इससे वैज्ञानिकों को यह जानने में मदद मिलेगी कि कौन से नए अनुसंधानों की आवश्यकता है, साथ ही किसान सीधे वर्तमान में चल रहे अनुसंधानों से रूबरू हो सकेंगे। यह दृष्टिकोण किसानों को सशक्त बनाने और उन्हें नवीनतम जानकारी प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।


जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी, किसानों का उत्साह
ग्राम चीकली में आयोजित इस कार्यक्रम में 350 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके साथ ग्यारसपुर मंडल अध्यक्ष अजय गुर्जर,जनपद उपाध्यक्ष श्री मति प्रीति शंकर दयाल शर्मा, जनपद सदस्य फारूख अली, मोकम सिंह, सरपंच सुकेन्दर किरार, देवकी हुकम सिंह, सुनील कुमार, राजाबाई टकलेस दरोह, मंडल अध्यक्ष त्योदा रोहित पटेल, भाजपा मंडल अध्यक्ष सिरनोटा नीलेश मीणा, और भाजपा मंडल अध्यक्ष गंज बासोदा लाखन सिंह रघुवंशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


प्रशासनिक अधिकारियों में उप संचालक कृषि के.एस. खपेडिया, सहायक संचालक उद्यान गिरवाल, एसडीएम मनोज उपाध्याय, जनपद सीईओ जितेंद्र जैन, सहायक कृषि यंत्री पीएस शाक्य, सचिव कृषि उपज मंडी नीलकमल वैद्य, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रूपेश बघेल के साथ कृषि विभाग और सभी अन्य विभागों का अमला भी मौजूद रहा, जो इस अभियान की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों की सलाह: मिट्टी से लेकर पशुधन तक, हर सवाल का जवाब
इस अभियान में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। कृषि वैज्ञानिक आशा साहू ने मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व और नरवाई (फसल अवशेष) के उचित प्रबंधन के बारे में बताया, जो पर्यावरण और मिट्टी के स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
कृषि विज्ञान केंद्र रायसेन से आए कृषि वैज्ञानिक रंजीत सिंह राघव ने किसानों को उन्नत किस्मों के बीज का प्रयोग, बीज उपचार की सही विधि और रिज एंड फरो तकनीक से सोयाबीन की बुवाई करने की सलाह दी। केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान भोपाल से आए कृषि वैज्ञानिक वी आर भार्गव ने किसानों को कृषि अभियांत्रिकी से अनुदान पर मिलने वाले विभिन्न यंत्रों की जानकारी दी। उन्होंने नरवाई प्रबंधन में प्रयोग किए जाने वाले सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, मल्चर और रोटावेटर जैसे आधुनिक उपकरणों के बारे में विस्तार से बताया, जो किसानों को खेती को अधिक कुशल और लाभदायक बनाने में मदद कर सकते हैं।


किसानों की जिज्ञासा और समाधान: नैनो यूरिया से पशु टीकाकरण तक
कार्यक्रम में किसानों की उपस्थिति सराहनीय रही और उन्होंने वैज्ञानिकों से खुलकर सवाल-जवाब किए। ढालू जमीन पर कौन सी फसलें और किस्मों का चयन करना चाहिए, जैसे व्यावहारिक प्रश्न पूछे गए। कुछ किसानों ने जल्द पकने वाली मूंग की किस्मों के बारे में जानकारी मांगी, जिस पर वैज्ञानिकों ने उनकी जिज्ञासा का समाधान करते हुए संतोषजनक जवाब दिए।
वैज्ञानिकों ने किसानों को डीएपी की जगह मौजूद वैकल्पिक खाद की जानकारी दी और बताया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी किस तरह डीएपी से सस्ते और प्रभावशाली हैं। डॉ. अतुल पाटेडेकर ने मानसून से पहले पशुओं का टीकाकरण कराने की अहमियत पर जोर दिया। किसानों को यह भी सुझाया गया कि फसलों के साथ गाय, भैंस, बकरी और मुर्गी पालन जैसे पशुधन से जुड़े कार्य किसानों के लिए किस तरह लाभदायक हो सकते हैं।


सचिव कृषि उपज मंडी नीलकमल वैद्य ने बताया कि मंडी समिति द्वारा जैविक उत्पादों के लिए मंडी में एक विशेष स्थान की व्यवस्था की गई है, जो जैविक खेती को बढ़ावा देगा। पशु विभाग के डॉक्टर वीएस मिर्धा ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से जानकारी दी, जिससे उन्हें सरकारी मदद का लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
विकसित कृषि संकल्प अभियान: एक सफलता की कहानी


29 मई 2025 को शुरू हुआ विकसित कृषि संकल्प अभियान, 15 दिनों तक चलने के बाद आज 12 जून 2025 को सफलतापूर्वक समाप्त हुआ। इस अभियान के तहत जिले के कुल 135 ग्रामों में 135 शिविरों का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 12,315 किसानों ने भाग लिया। इन शिविरों में किसानों ने कृषि वैज्ञानिकों और अधिकारियों से सार्थक चर्चा की और विभागीय योजनाओं के साथ-साथ उन्नत कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।


यह अभियान न केवल किसानों को शिक्षित करने में सफल रहा, बल्कि इसने कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिकता को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत नींव भी रखी है। शिवराज सिंह चौहान की दूरगामी सोच और इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से निश्चित रूप से विदिशा जिले की कृषि में एक सकारात्मक बदलाव आएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे।


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