
राघवेन्द्र दांगी विदिशा: जिले में चल रहे विकास कार्यों की धीमी रफ्तार से नाराज कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। उन्होंने सांसद और विधायक निधि के तहत स्वीकृत सभी निर्माण कार्यों की समीक्षा की और संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी अधूरे काम अगले एक महीने के भीतर पूरे कर लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में काम पूरा नहीं होता है, तो न सिर्फ निर्माण एजेंसी बल्कि निगरानी करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
यह बैठक कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में आयोजित की गई, जहाँ कलेक्टर ने जिले भर में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने साफ-साफ कहा कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा और सभी कार्यों को उच्च मानकों के साथ पूरा किया जाए। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में पारदर्शिता लाना और उन्हें समय पर पूरा कराना था।
ई-साक्षी पोर्टल पर अपडेट अनिवार्य
कलेक्टर गुप्ता ने खास तौर पर सांसद निधि के तहत चल रहे कार्यों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्यों की अद्यतन जानकारी ई-साक्षी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य है। ऐसा करने से भारत सरकार भी इन कार्यों की प्रगति से सीधे अवगत हो सकेगी। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि केंद्र सरकार की योजनाओं की सही स्थिति जानने में भी मदद करेगा।
उन्होंने जिला पंचायत सीईओ को भी निर्देश दिए कि वे जनपद स्तर पर होने वाली समीक्षा बैठकों में सांसद और विधायक निधि के कार्यों की अलग से समीक्षा करें। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि एक ही गांव में एक ही तरह के काम के लिए अलग-अलग फंड्स (सांसद निधि, विधायक निधि या बस्ती विकास निधि) का इस्तेमाल न हो। इससे फंड्स का दोहराव रोका जा सकेगा और पैसों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित हो पाएगा।
नेशनल हाईवे पर पशुओं का विचरण, कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश
विकास कार्यों की समीक्षा के अलावा, कलेक्टर गुप्ता ने एक और गंभीर मुद्दे पर ध्यान दिलाया। उन्होंने नेशनल हाईवे पर रात में पशुओं के विचरण को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि नेशनल हाईवे पर कोई भी पशु न दिखे, खासकर रात के समय। ऐसे सभी पशुओं को नजदीकी गोशालाओं में पहुँचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गोशाला में आने के बाद पशुओं को उनके मालिकों को तभी वापस दिया जाए, जब वे निर्धारित शुल्क जमा करें।
शहरी क्षेत्रों में भी गोवंश के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निकाय अधिकारियों को विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। यह कदम न सिर्फ सड़क सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि पशुओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।
विकास कार्यों का लेखा-जोखा
बैठक में वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक सांसद और विधायक निधि के तहत स्वीकृत कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया गया। सांसद निधि के तहत कुल 258 कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 201 काम पूरे हो चुके हैं, जबकि बाकी काम प्रगति पर हैं। इसी तरह, विधायक निधि के तहत कुल 1872 कार्य स्वीकृत हुए थे, जिनमें से 1739 काम पूरे हो चुके हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में काम पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब बचे हुए कामों को भी जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ ओपी सनोड़िया, अतिरिक्त सीईओ पंकज जैन, विभिन्न विभागों के कार्यपालन यंत्री और जिला योजना अधिकारी सेवाराम रैकवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जनपदों के सीईओ और इंजीनियरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। कलेक्टर का यह सख्त रुख यह साबित करता है कि वे जिले में विकास को लेकर गंभीर हैं और वे किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेंगे।