
बलिया (उत्तर प्रदेश)।
भारतीय जनता पार्टी के लिए उस वक्त बड़ी फजीहत खड़ी हो गई जब बलिया जिले के रसड़ा चीनी मिल के अध्यक्ष और वरिष्ठ भाजपा नेता बब्बन सिंह रघुवंशी का एक आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में वह एक डांसर के साथ अश्लील हरकतें करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही पार्टी की छवि को गहरी चोट पहुंची और विपक्षी दलों को भाजपा पर हमला करने का मौका मिल गया।
इस घटना के बाद भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई ने कड़ा रुख अपनाते हुए बब्बन सिंह रघुवंशी को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। यह कार्रवाई वायरल वीडियो और पार्टी की आंतरिक जांच के बाद की गई है। भाजपा के प्रदेश कार्यालय, लखनऊ से जारी निष्कासन पत्र में साफ तौर पर लिखा गया है कि नेता का आचरण अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है और इससे पार्टी की प्रतिष्ठा धूमिल हुई है।
वायरल वीडियो ने मचाया तहलका
वीडियो सामने आते ही यह पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर भाजपा नेता की आलोचना की और पार्टी की नैतिकता पर सवाल खड़े किए। वायरल वीडियो में बब्बन सिंह रघुवंशी एक मंच पर एक डांसर के साथ बेशर्मी की सारी हदें पार करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को लेकर जनता के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी रोष व्याप्त हो गया।
नेता ने विपक्ष पर लगाया साजिश का आरोप
मामले के तूल पकड़ते ही बब्बन सिंह रघुवंशी ने मीडिया के सामने आकर सफाई दी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक साजिश करार देते हुए बांसडीह की विधायक केतकी सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने राजनीतिक द्वेष के चलते यह वीडियो वायरल कराया है ताकि उनकी छवि खराब हो सके।
रघुवंशी ने खुद को बांसडीह विधानसभा सीट से टिकट का प्रबल दावेदार बताया और दावा किया कि उन्हें उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने मंत्री को अपना रिश्तेदार भी बताया और कहा कि टिकट दिलवाने में उनकी मदद होनी तय थी।
BJP ने दिखाई अनुशासन की सख्ती
भाजपा नेतृत्व ने इस मुद्दे पर देर नहीं की। पार्टी की नीतियों और अनुशासन का हवाला देते हुए, बब्बन सिंह को तुरंत प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया। पार्टी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि,
> “सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो एवं आपके वक्तव्यों के माध्यम से आपके द्वारा किए गए आचरण की जानकारी प्राप्त हुई है। आपके इस आचरण से पार्टी की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है, जो अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। माननीय प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है।”
यह पत्र भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और लोग इसे भाजपा के सख्त रुख के रूप में देख रहे हैं।
विपक्ष का हमला, भाजपा की मुश्किलें बढ़ीं
इस घटनाक्रम ने विपक्ष को भाजपा पर हमला बोलने का सुनहरा अवसर दे दिया है। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भाजपा की कथनी और करनी में अंतर का मुद्दा उठाया है। कई नेताओं ने सवाल किया कि क्या यही "संस्कार और नैतिकता" की राजनीति है जिसका दावा भाजपा करती है?
जनता में नाराज़गी, सोशल मीडिया पर बवाल
सोशल मीडिया पर जनता भी दो धड़ों में बंटी नजर आ रही है। कुछ लोग भाजपा के त्वरित एक्शन की सराहना कर रहे हैं तो कुछ इसे “बचाव की राजनीति” करार दे रहे हैं। लोगों ने यह भी पूछा कि जब नेता इतने बड़े पद पर है, तो क्या पार्टी को उसकी गतिविधियों की पहले से जानकारी नहीं थी?
राजनीतिक भविष्य पर सवाल
बब्बन सिंह रघुवंशी का राजनीतिक भविष्य अब अधर में लटक गया है। हालांकि उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए लड़ाई जारी रखने की बात कही है, लेकिन पार्टी से निष्कासन के बाद उनके टिकट की संभावना लगभग खत्म हो गई है। अब देखना होगा कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल की ओर रुख करते हैं या सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाते हैं।
यह घटना भाजपा के लिए एक बड़ा झटका साबित हुई है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी नैतिकता और अनुशासन के मुद्दों को लेकर खुद को बाकी दलों से ऊपर बताने का प्रयास करती है। पार्टी का तेज़ एक्शन भले ही डैमेज कंट्रोल के तौर पर देखा जाए, लेकिन यह स्पष्ट है कि अब राजनीतिक दलों को अपने नेताओं की निजी छवि और आचरण पर अधिक ध्यान देना होगा।