दमोह, मध्यप्रदेश।दमोह के चर्चित मिशन अस्पताल में सात हार्ट पेशेंट्स की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी डॉक्टर नरेंद्र जॉन केम को पुलिस ने उत्तरप्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर फर्जी डिग्रियों के सहारे हार्ट सर्जरी कर रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए एक फ्लैट में छिपा हुआ था।
चिकन दुकानदार की सतर्कता से टूटा आरोपी का मास्टर प्लान
दमोह पुलिस को आरोपी की तलाश में प्रयागराज भेजा गया था। मोबाइल लोकेशन के आधार पर साइबर टीम उसे ट्रैक कर रही थी। एक स्थानीय चिकन दुकानदार की मोबाइल चैटिंग में आरोपी डॉक्टर के साथ हुई बातचीत से पुलिस को ठोस सुराग मिला। इसके बाद एक विशेष टीम ने ओमेक्स अदनानी बिल्डिंग में घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
आरोपी ने की थी 15 सर्जरी, 7 मरीजों की मौत
पुलिस जांच में सामने आया कि डॉ. नरेंद्र यादव उर्फ नरेंद्र जॉन केम ने खुद को लंदन के कार्डियोलॉजिस्ट "एन जॉन केम" बताकर फर्जी डिग्रियों से प्रैक्टिस की। मिशन अस्पताल में उसने कुल 15 हार्ट ऑपरेशन किए, जिनमें से सात मरीजों की मौत हो गई। इन मौतों को लेकर मृतकों के परिजनों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।
अस्पताल प्रबंधन भी सवालों के घेरे में
मिशन अस्पताल की प्रबंधक पुष्पा खरे द्वारा आरोपी डॉक्टर को संरक्षण देने के भी आरोप लगे हैं। बताया गया कि वह लगातार डॉक्टर के संपर्क में थीं और मोबाइल नंबर भी पुलिस को उन्होंने ही उपलब्ध करवाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि “मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
मानवाधिकार आयोग कर रहा जांच
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम दमोह पहुंच चुकी है और मृतकों के परिजनों से पूछताछ कर रही है। इससे पहले मृतक रहीसा बेग के बेटे नबी बेग और शिकायतकर्ता कृष्णा पटेल के बयान भी लिए जा चुके हैं।
मृतकों की सूची:
सत्येंद्र सिंह राठौर – लाडनबाग, दमोह
रहीसा बेग – पुराना बाजार, दमोह
इजराइल खान – डॉ. पसारी के पास, दमोह
बुधा अहिरवाल – बरतलाई, पटेरा
मंगल सिंह राजपूत – बरतलाई, पटेरा
आगे की कार्रवाई
दमोह एसपी श्रुतिकीर्ति सोमवंशी ने पुष्टि की है कि आरोपी डॉक्टर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों की भी जांच की जाएगी। मामले से जुड़े दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।