
रीवा शहर में फिल्मी अंदाज में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो युवतियों को गिरफ्तार किया है, जो वर्दी पहनकर नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों पर रौब दिखा रही थीं। इनके पास से न सिर्फ असली पुलिस की वर्दियां बरामद हुईं, बल्कि नकली आईडी कार्ड और अलग-अलग रैंक की वर्दियां भी मिलीं। इनकी हरकतों ने इलाके में सनसनी मचा दी है।
शक की सुई से खुला राज
लाडली लक्ष्मी पथ पर संदिग्ध ढंग से घूमती इन युवतियों की हरकतें लोगों को अजीब लग रही थीं। कभी आरक्षक की वर्दी, तो कभी इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ये इलाके में चहलकदमी कर रही थीं। लोगों ने इस अजीबोगरीब स्थिति की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी।
रेड टीम की फिल्मी कार्रवाई
सूचना मिलते ही रेड कोर टीम और सिविल लाइन पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। दोनों युवतियां वर्दी में थीं और पुलिस की तरह ही पेश आ रही थीं। लेकिन उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल पाई। पुलिस ने तुरंत इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
वर्दी पहनकर दिखा रहीं थीं रौब
जांच में पता चला कि दोनों युवतियां लंबे समय से वर्दी का इस्तेमाल कर रही थीं। कभी इंस्पेक्टर बनकर, तो कभी सब-इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ये अपनी साजिश को अंजाम देने की तैयारी में थीं। इनके बैग से पुलिस की तीन वर्दियां और फर्जी आईडी कार्ड भी बरामद हुए।
वारदात की थी पूरी तैयारी
थाना प्रभारी कमलेश साहू ने बताया कि ये महिलाएं किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थीं। टोल प्लाजा और अन्य स्थानों पर नकली आईडी का इस्तेमाल कर ये लोगों को धोखा दे रही थीं। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
फर्जी पुलिसकर्मियों की “डबल लाइफ”
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये युवतियां कई दिनों से अलग-अलग वर्दियों में दिखाई दे रही थीं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इनके पीछे कोई और गिरोह है या ये अकेले ही साजिश रच रही थीं।
जांच के बाद और खुलासों की उम्मीद
पुलिस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। सवाल यह है कि असली पुलिस वर्दियां और नकली आईडी कार्ड इन्हें कहां से मिले। क्या इनके तार किसी बड़े अपराधी गिरोह से जुड़े हैं? यह केस अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।