
डबवाली/बीकानेर। हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली कस्बे में रविवार को चल रही एक शादी उस वक्त तमाशा बन गई जब राजस्थान पुलिस अचानक समारोह में पहुंच गई। स्टेज पर दूल्हा बैठा था, दुल्हन सजी-धजी तैयार खड़ी थी, मेहमान खाने-पीने में व्यस्त थे और तभी पुलिस ने पूरे माहौल को झकझोर दिया। जब पुलिस ने दुल्हन, उसके कथित माता-पिता और रिश्तेदारों से पूछताछ की, तो ऐसा खुलासा हुआ कि सभी के होश उड़ गए — दुल्हन से लेकर उसके मां-बाप और रिश्तेदार, सब फर्जी निकले!
राजस्थान पुलिस के इस ऐक्शन ने शादी के पंडाल को अपराध स्थल में बदल दिया। जिस लड़की को दूल्हे ने जीवनसाथी मान लिया था, वह दरअसल एक सोची-समझी धोखाधड़ी की साजिश का हिस्सा थी। और यह सब करवाने वाला था एक बिचौलिया — रेशम सिंह — जो पिछले एक साल से राजस्थान पुलिस की नजर से फरार चल रहा था।
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कैसे खुली पोल: मंच पर शादी, नीचे जांच
रविवार की दोपहर हरियाणा के डबवाली में एक भव्य शादी समारोह चल रहा था। पंजाब के बठिंडा से बारात आई थी। दूल्हा मंच पर बैठा था और शादी की रस्में शुरू होने वाली थीं। तभी राजस्थान पुलिस की एक टीम समारोह स्थल पर पहुंच गई। पुलिस को वहां देखकर सब अचंभित रह गए।
पुलिस ने सीधे शादी करवाने वाले बिचौलिए रेशम सिंह की पूछताछ शुरू की। वह सामने आया और खुद को शादी का मध्यस्थ बताया। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में ले लिया।
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फर्जी माता-पिता और नकली रिश्तेदार
रेशम सिंह को पकड़ने के बाद पुलिस ने दुल्हन के परिवार की जांच शुरू की। जब दुल्हन के माता-पिता से उसकी पहचान के बारे में पूछा गया तो वे उसका नाम तक नहीं बता पाए। इस पर पुलिस को शक हुआ और उन्होंने बाकी ‘रिश्तेदारों’ से पूछताछ की।
जांच में पाया गया कि दुल्हन के साथ आए सभी लोग एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। लड़की के तथाकथित माता-पिता और अन्य ‘रिश्तेदार’ फर्जी थे। इस बात का खुलासा होते ही शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। कई मेहमान वहां से निकल गए और दूल्हे के परिजन भी स्तब्ध रह गए।
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रेशम सिंह पर पहले से दर्ज था केस
राजस्थान पुलिस ने बताया कि रेशम सिंह के खिलाफ 27 मार्च 2024 को बीकानेर जिले के कोलायत थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। वह पिछले एक साल से फरार था और अब हरियाणा में एक नकली शादी के माध्यम से किसी को ठगने की योजना बना रहा था।
रेशम सिंह मूल रूप से पंजाब के बठिंडा का निवासी है और डबवाली के सुंदर नगर इलाके में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस को इस शादी की जानकारी मुखबिर के जरिए मिली, जिसके बाद उन्होंने डबवाली पहुंचकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पुलिस ने दुल्हन को किया हिरासत में
राजस्थान पुलिस ने हरियाणा पुलिस को मामले की जानकारी दी। इसके बाद डायल 112 और डबवाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुल्हन समेत उसके साथ आए अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ जारी है कि ये लोग किस हद तक इस साजिश में शामिल थे या महज़ मोहरे थे।
राजस्थान पुलिस अपने साथ केवल मुख्य आरोपी रेशम सिंह को लेकर रवाना हो गई है। वहीं हरियाणा पुलिस अब फर्जी दुल्हन और उसके नकली रिश्तेदारों की भूमिका की जांच कर रही है।
दूल्हा लहंगा और सामान लेकर लौटा वापस
इस घटना के बाद बारात लेकर आया दूल्हा स्तब्ध रह गया। उसे विश्वास नहीं हुआ कि जिसे वह अपना जीवनसाथी मान रहा था, वह ही धोखा निकली। दूल्हा अपने साथ लाए दुल्हन के लहंगे और शादी के अन्य सामान को समेटकर चुपचाप वापस लौट गया।
शादी, जो किसी के जीवन की सबसे बड़ी खुशी होनी चाहिए थी, एक आपराधिक घटनाक्रम में बदल गई।
इस घटना से उठते बड़े सवाल
क्या शादी के नाम पर गिरोह सक्रिय हैं?
बिचौलिए कैसे आसानी से भोले-भाले लोगों को फंसा रहे हैं?
क्या पुलिस को ऐसे मामलों में और सख्ती नहीं करनी चाहिए?
यह घटना न केवल सामाजिक चेतावनी है, बल्कि कानूनी व्यवस्थाओं की परीक्षा भी है। अगर राजस्थान पुलिस समय पर न पहुंचती, तो शायद यह शादी पूरी हो जाती और एक परिवार ठगी का शिकार बन जाता।
पुलिस की अपील
हरियाणा और राजस्थान पुलिस दोनों ने लोगों से अपील की है कि शादी जैसे संवेदनशील मामलों में पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। खासकर जब शादी बिचौलियों के माध्यम से तय हो रही हो, तो परिवारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।