
सांची, मध्य प्रदेश। शांति, सद्भाव और विश्व-बंधुता के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए मध्य प्रदेश की पवित्र धरती सांची पूरी तरह से तैयार है। संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन, आगामी 29 और 30 नवंबर 2025 को सांची स्थित बुद्ध जम्बूद्वीप पार्क (पुराना विश्राम भवन परिसर) में दो दिवसीय "महाबोधि महोत्सव" का भव्य आयोजन करने जा रहा है। बौद्ध विचारधारा की सौम्य और मानवता-पोषक धारा को समर्पित यह महोत्सव कला, आध्यात्मिकता और संस्कृति का एक अनूठा संगम होगा।
रायसेन जिला प्रशासन और महाबोधि सोसायटी ऑफ श्रीलंका के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में हर शाम 6:30 बजे से दर्शकों को ज्ञान, सत्य और अहिंसा के पथ पर चलने का प्रेरक अनुभव मिलेगा।
🥁 श्रीलंका की पारंपरिक कला का विशेष आकर्षण
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण श्रीलंका के सुप्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति होगी। संस्कृति विभाग के कार्यक्रम संचालक एन.पी. नामदेव ने बताया कि श्रीलंका की कला-संस्कृति, जो सीधे तौर पर बौद्ध दर्शन से जुड़ी है, उसकी झलक यहाँ देखने को मिलेगी। श्रीलंका के कलाकार अपनी पारंपरिक लोकनृत्य एवं गायन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
इसके साथ ही, भगवान बुद्ध के जीवन-प्रसंगों और उनके महान आदर्शों पर आधारित एक विशेष नृत्य-नाटिका का मंचन भी होगा। यह जीवंत प्रस्तुति दर्शकों के हृदय को स्पर्श करेगी और उन्हें बुद्ध के ज्ञान की ओर उन्मुख करेगी।
🗓️ पहला दिन: कला, भक्ति और ज्ञान का सुंदर प्रवाह (29 नवंबर)
29 नवंबर की शाम 6:30 बजे महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ होगा। इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
पहले दिन की प्रस्तुतियों में श्रीलंका की ललिता गोमरा एवं दल लोकनृत्य और गायन का प्रदर्शन करेंगे। वहीं, भोपाल का पंचशील सांस्कृतिक मंच अपनी नृत्य-गायन प्रस्तुतियों से महोत्सव की गरिमा बढ़ाएगा। इसके उपरांत, संघरत्ना बनकर एवं उनके साथी कलाकार भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन कर दर्शकों को आध्यात्मिक भावभूमि में ले जाएंगे। अंत में, भोपाल के द साया बैंड के कलाकार अपनी भक्ति-संगीत से वातावरण को भावपूर्ण बनाएंगे।
📝 दूसरा दिन: श्रीलंका का रंग और अखिल भारतीय काव्य-गंगा (30 नवंबर)
30 नवंबर को भी दर्शकों को श्रीलंका की संस्कृति की अनूठी झलक देखने को मिलेगी। इस दिन पुनः ललिता गोमरा एवं साथी कलाकार अपने लोकनृत्य और गायन से मंच पर श्रीलंकाई संस्कृति को साकार करेंगे।
इस महाबोधि महोत्सव का समापन एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ होगा। यह शाम साहित्यिक रसास्वादन की होगी, जिसमें देश के विख्यात कवि अपनी प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं को एक अविस्मरणीय अनुभव देंगे।
ये कवि करेंगे शिरकत:
- * सूर्यकुमार पाण्डेय (लखनऊ)
- * स्वयं श्रीवास्तव (उन्नाव)
- * सुमित मिश्रा (ओरछा)
- * अभिसार शुक्ला (दिल्ली)
- * हिमांशी बाबरा (मेरठ)
- * मनु वैशाली (दिल्ली)
- * दीपक शुक्ला (भोपाल)
- * चेतन चर्तित (इंदौर)
सांची का यह दो दिवसीय महाबोधि महोत्सव मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो देश-विदेश के पर्यटकों और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक तीर्थ यात्रा सिद्ध होगा। यह कार्यक्रम न केवल कला को बढ़ावा देता है, बल्कि भगवान बुद्ध के शांति और अहिंसा के संदेश को समकालीन समाज में पुनः स्थापित करने का भी कार्य करता है।
अपील: सांची के बुद्ध जम्बूद्वीप पार्क में होने वाले इस अद्भुत आयोजन का हिस्सा बनें और शांति व समृद्धि की इस धारा में गोता लगाएँ।