
रिपोर्टर: सत्यम यादव |
शमशाबाद – किसान जहां अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित उपज मानते हैं, वहीं पिपलधार जिला सहकारी समिति की लापरवाह व्यवस्था उनके लिए सिरदर्द बनती जा रही है। श्रीराम वेयरहाउस पर चल रहे उपार्जन केंद्र में समिति प्रबंधक की मनमानी अब खुलेआम देखने को मिल रही है।
सूत्रों के अनुसार, तुलाई के पहले दिन से ही केंद्र प्रभारी सिर्फ दो कांटो पर काम करवा रहे हैं, जिससे किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं और उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, किसानों के बैठने के लिए टेंट तक नहीं लगाया गया है। हैरानी की बात यह है कि हर साल सरकार व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये देती है, लेकिन यह पैसा कहां खर्च होता है, इसका जवाब सिर्फ समिति प्रबंधक के पास है।
किसानों का आरोप है कि प्रबंधक अपने चहेते और जान-पहचान वालों की तुलाई पहले करवा रहे हैं, जबकि बाकी किसान लाइन में खड़े रह जाते हैं। मंगलवार को जब मामला ज्यादा बिगड़ा तो कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तुलाई बंद करवा दी। लेकिन किसानों का कहना है कि हर साल यही हालात होते हैं – भ्रष्टाचार, मनमानी और लापरवाही।
गौरतलब है कि पिपलधार सोसाइटी पहले भी धान तुलाई में 350 कुण्डल का घोटाला कर चुकी है, जिससे किसानों का विश्वास पहले ही डगमगाया हुआ है। अब गेहूं की तुलाई में भी उन्हें घोटाले का डर सता रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों की चुप्पी इस पूरे मामले को और गंभीर बना देती है।
किसानों की मांग है कि तुलाई के लिए कांटों की संख्या बढ़ाई जाए, उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।