
शहडोल, 6 जुलाई 2025: मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में सरकारी स्कूलों में हुए लाखों रुपये के मेंटेनेंस फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घोटाले में अनियमितताओं की परतें खुलने के बाद, शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से शासकीय हाई स्कूल सकंदी के प्रभारी प्राचार्य सुग्रीव शुक्ला को निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) शहडोल फूलसिंह मरपाची और शासकीय हाई स्कूल सकंदी की प्राचार्य श्रीमती राधिका तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
क्या है लाखों के फर्जीवाड़े का पूरा मामला?
यह पूरा मामला शहडोल जिले के ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सरकारी स्कूलों में अनुरक्षण (मेंटेनेंस) कार्यों से जुड़ा है। आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने बिना जांच किए ही कई स्कूलों को लाखों का भुगतान करवा दिया। DEO के सत्यापन के बाद सुधाकर कंस्ट्रक्शन नाम की फर्म को यह भुगतान किया गया।
खासतौर पर, सकंदी और निपनिया स्कूलों में हुए मेंटेनेंस मद में फर्जी भुगतान का पर्दाफाश हुआ है।
* सकंदी हाई स्कूल का हैरान करने वाला बिल: ग्राम सकंदी के हाई स्कूल में सिर्फ 4 लीटर ऑयल पेंट की पुताई के लिए 168 लेबर और 65 राजमिस्त्री दिखाए गए! हैरानी की बात यह है कि इस "काम" के लिए कुल ₹1,06,984 (एक लाख छह हजार नौ सौ चौरासी रुपये) का भुगतान कर लिया गया। इस भुगतान को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी फूल सिंह मरपाची ने मंजूरी दी और कोषालय से राशि भी निकाल ली गई थी।
* निपनिया स्कूल में भी बड़ा खेल: इसी तरह, निपनिया स्कूल में 275 लेबर और 150 मिस्त्री दिखाकर 20 लीटर पेंटिंग, 10 खिड़की और 4 दरवाजों की फिटिंग का कार्य दर्शाया गया। इस काम के लिए ₹2,31,685 (दो लाख इकतीस हजार छह सौ पचासी रुपये) की मोटी रकम का भुगतान कर लिया गया।
फर्जीवाड़े का पुख्ता सबूत: बिल बनने से पहले ही मंजूरी!
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि सुधाकर कंस्ट्रक्शन द्वारा देयक (बिल) 5 मई 2025 को तैयार किया गया था, जबकि स्कूल प्राचार्य ने उसे एक महीना पहले ही, यानी 4 अप्रैल 2025 को सत्यापित कर दिया था! यह तथ्य खुद में ही बड़े फर्जीवाड़े का पुख्ता संकेत दे रहा है। इन फर्जी बिलों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही थीं, जिसने प्रशासन को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया।
डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने लिया संज्ञान, मांगी रिपोर्ट
इस सनसनीखेज घोटाले की गूंज भोपाल तक पहुंच गई है। मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम और शहडोल के प्रभारी मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने भी इस पूरे मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने शहडोल कलेक्टर से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि सरकारी खजाने के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पर अब प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है। देखना होगा कि इस मामले में और कौन-कौन से बड़े नाम सामने आते हैं और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए?