
उत्तर प्रदेश के हाथरस में पीसी बागला डिग्री कॉलेज का प्रोफेसर रजनीश कुमार लंबे समय से एक गंदी साजिश को अंजाम दे रहा था। कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को सरकारी नौकरी और अच्छे नंबरों का लालच देकर वह उन्हें अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद सीक्रेट सॉफ्टवेयर की मदद से गुप्त रूप से उनकी वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर ब्लैकमेल करके यौन शोषण करता।
अब इस घिनौनी हरकत का पर्दाफाश हो चुका है। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को प्रयागराज से गिरफ्तार कर लिया है। उसके मोबाइल और लैपटॉप से 50 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिससे यह खुलासा हुआ कि वह कई सालों से छात्राओं को अपना शिकार बना रहा था।
छात्राओं का जाल बिछाकर करता था गंदा खेल
प्रोफेसर रजनीश के खिलाफ कई छात्राओं ने शिकायतें की थीं, लेकिन जब राष्ट्रीय महिला आयोग तक एक पीड़िता का लेटर और अश्लील फोटो पहुंचे, तो प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने उसके खिलाफ दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
कैसे करता था चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्डिंग?
हाथरस के एसपी चिरंजीव नाथ सिन्हा ने बताया कि प्रोफेसर ने अपने फोन और लैपटॉप में एक सीक्रेट सॉफ्टवेयर इंस्टॉल कर रखा था। यह सॉफ्टवेयर फोन का स्क्रीन ऑफ रखता था लेकिन बैकग्राउंड में वीडियो रिकॉर्डिंग करता था। इसी तकनीक का इस्तेमाल कर उसने 2019 में कॉलेज की एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का भी यौन शोषण किया था।
वीडियो वायरल होने से मचा बवाल
जब प्रोफेसर के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हुए, तो पूरे इलाके में बवाल मच गया। लोगों ने उसके खिलाफ प्रदर्शन किया और उसकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। पहले कॉलेज प्रशासन इस मामले में सहयोग नहीं कर रहा था, लेकिन जब मामला तूल पकड़ने लगा, तो प्रशासन भी अलर्ट हो गया।
कैसे बना 'अय्याश' प्रोफेसर?
50 साल के रजनीश कुमार ने 2001 में डिग्री कॉलेज में बतौर शिक्षक नौकरी शुरू की थी। साल 2024 में वह कॉलेज के चीफ प्रॉक्टर के पद तक पहुंच गया। बताया जा रहा है कि उसकी शादी 1996 में हुई थी, लेकिन कोई संतान नहीं हुई। 2008 के आसपास उसने दूसरी शादी की कोशिश की और इसी दौरान एक लड़की के संपर्क में आया। एक गलती से उसका वीडियो खुद के कंप्यूटर में रिकॉर्ड हो गया, तब उसे समझ आया कि कैसे इस तकनीक का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके बाद वह ब्लैकमेलिंग और यौन शोषण के अपने घिनौने खेल में माहिर हो गया।
अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके गैजेट्स की जांच कर रही है। इस घिनौने अपराध ने कॉलेज प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।