
मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों गरमाहट छाई हुई है, जिसकी वजह हैं प्रदेश के दिग्गज नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय। शाजापुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के रिश्ते को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया, जिसके बाद सियासत का पारा अचानक चढ़ गया।
विजयवर्गीय ने कथित तौर पर भारतीय और पश्चिमी संस्कृति की तुलना करते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि आज के विपक्ष के नेता अपनी जवान बहन को सार्वजनिक रूप से 'चुंबन' करते हैं, जो भारतीय संस्कारों के विपरीत है। उनके इस बयान को कांग्रेस ने महिला विरोधी और अमर्यादित करार दिया।
कांग्रेस हुई 'अग्निपरीक्षा' पर आमादा: पुतला दहन, इस्तीफे की मांग
कैलाश विजयवर्गीय के बयान के सामने आते ही कांग्रेस ने तत्काल और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया। कांग्रेस नेता ने विजयवर्गीय के बयान की तीखी आलोचना की और उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा। प्रदेशभर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। कई जगहों पर कैलाश विजयवर्गीय के पुतले फूंके गए, और कांग्रेस ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से उनका तत्काल इस्तीफा मांगने की मांग की। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह बयान बीजेपी की 'संस्कृति' को दर्शाता है और यह महिलाओं के प्रति उनकी सोच को उजागर करता है।
वहीं, दूसरी ओर बीजेपी के कुछ नेताओं ने विजयवर्गीय का बचाव किया। प्रदेश के एक अन्य मंत्री विजय शाह ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदुस्तानी संस्कृति चौराहे पर 'चुंबन' करना नहीं सिखाती है। इससे विवाद और गहरा गया और दोनों पार्टियों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई।
विजयवर्गीय का बेबाक जवाब: 'विरोध से मेरी उम्र बढ़ रही है!'
इन तमाम विरोध प्रदर्शनों और इस्तीफे की मांगों के बीच, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज धार में हुए एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी। जब उनसे उनके विवादित बयान और उस पर हो रहे कांग्रेस के विरोध के बारे में सवाल किया गया, तो विजयवर्गीय का जवाब हमेशा की तरह चटकीला और बेबाक था।
उन्होंने कांग्रेस के विरोध और पुतला दहन पर एक अप्रत्याशित टिप्पणी करते हुए कहा, ''मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता... कांग्रेस जितने चाहे पुतले जलाए... वह जितने पुतले जलाएगी, उतनी मेरी ही उम्र बढ़ेगी...'' विजयवर्गीय ने इस तरह विरोध को 'उम्र बढ़ाने वाला नुस्खा' बताकर कांग्रेस के प्रदर्शन को एक तरह से सिरे से खारिज कर दिया। यह बयान दर्शाता है कि विजयवर्गीय अपने रुख पर कायम हैं और उन्होंने इस राजनीतिक गरमाहट को एक व्यक्तिगत हमले की बजाय एक हल्के-फुल्के अंदाज में लिया है।
क्रिकेट प्रेम पर भी बोले मंत्रीजी!
विवादों के बीच कैलाश विजयवर्गीय ने भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले बहुप्रतीक्षित क्रिकेट मैच पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि वह एक क्रिकेट प्रेमी हैं और आमतौर पर भारत-पाक मैच कभी मिस नहीं करते। हालांकि, इस बार वह मैच नहीं देख पाए। उन्होंने भारतीय टीम को शुभकामनाएं देते हुए अपनी बात समाप्त की।
कैलाश विजयवर्गीय का यह 'चुंबन' बयान और उसके बाद पुतला दहन को लेकर दिया गया पलटवार निश्चित रूप से आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बना रहेगा। कांग्रेस ने जहां इस बयान को संस्कारों और मर्यादा पर हमला बताया है, वहीं विजयवर्गीय ने इसे अपनी उम्र बढ़ाने का तरीका कहकर मामले को एक नई दिशा दे दी है।