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सावधान! सांची पुलिस ने छात्राओं को साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर किया जागरूक, जानिए बड़े काम की बातें!

2025-11-03  BHOPAL REPORTER VIJAY SHARMA  371 views

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वसीम कुरेशी सांची: डिजिटल युग की चुनौतियों और रोज़मर्रा के खतरों के बीच, सांची पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कन्या छात्रावास की छात्राओं को जागरूक किया है। सांची थाना प्रभारी जयप्रकाश त्रिपाठी और उनकी टीम ने 'किशोरी जागरूकता एवं ऑपरेशन मुस्कान' कार्यक्रम के तहत छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाव, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और यातायात नियमों की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को न केवल उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित भविष्य के लिए तैयार करना भी है।

साइबर क्राइम से बचाव: ऑनलाइन खतरों को पहचानें

साइबर अपराध आज के दौर का एक बड़ा खतरा है, खासकर लड़कियों और महिलाओं के लिए जो सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल करती हैं। कार्यक्रम में महिला पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, साइबर बुलिंग और अश्लील सामग्री (morphed content) के बारे में विस्तार से बताया।

 * असुरक्षित लिंक पर क्लिक न करें: अनजान ईमेल या मैसेज में आए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से बचें, क्योंकि यह मैलवेयर या फिशिंग हो सकता है।

 * मजबूत पासवर्ड: अपने सभी अकाउंट्स के लिए एक मजबूत और अनोखा पासवर्ड सेट करें। जन्मतिथि या साधारण नाम जैसे पासवर्ड का इस्तेमाल न करें।

 * प्राइवेसी सेटिंग्स: सोशल मीडिया पर अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स को 'फ्रेंड्स ओनली' या 'प्राइवेट' पर रखें। अपनी निजी जानकारी, जैसे- पता या लाइव लोकेशन, शेयर करने से बचें।

 * तुरंत रिपोर्ट करें: यदि कोई आपको ऑनलाइन परेशान करता है या किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 या पुलिस को दें।

महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा: निडर होकर जिएं

छात्राओं को अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा जागरूक और सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने जोर देकर कहा कि डरने की बजाय, उन्हें निडर होकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए।

 * आत्मविश्वास और सतर्कता: अकेले सफर करते समय या सुनसान जगह पर जाते समय अपने आस-पास के माहौल पर ध्यान दें। अपने मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए भी सतर्क रहें।

 * ना कहना सीखें: किसी भी असहज या गलत स्थिति में 'ना' कहने की हिम्मत रखें और तुरंत उस जगह से हट जाएं। अपनी अंतरात्मा (Gut Feeling) पर भरोसा करें।

 * हेल्पलाइन नंबर: किसी भी आपात स्थिति के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 को हमेशा याद रखें। पुलिस ने छात्राओं को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी भी दी।

 * आत्मरक्षा प्रशिक्षण: छात्राओं को बताया गया कि आत्मरक्षा की बुनियादी तकनीकों को सीखना उन्हें किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने में मदद कर सकता है।

यातायात नियम: सुरक्षित सफर के लिए ज़रूरी

सुरक्षित सड़क यात्रा के महत्व पर जोर देते हुए, छात्राओं को पैदल चलने वालों और वाहन चालकों के लिए ज़रूरी यातायात नियमों से अवगत कराया गया।

 * फुटपाथ का प्रयोग: सड़क पर चलते समय हमेशा फुटपाथ का इस्तेमाल करें। अगर फुटपाथ नहीं है, तो यातायात की दिशा के विपरीत चलें ताकि आप सामने से आ रहे वाहनों को देख सकें।

 * जेब्रा क्रॉसिंग: सड़क पार करने के लिए हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करें। पार करने से पहले, बाएँ-दाएँ-बाएँ देखें और सुनिश्चित करें कि कोई वाहन नहीं आ रहा है।

 * हेलमेट/सीट बेल्ट: यदि आप वाहन चला रही हैं या उसमें बैठी हैं, तो हेलमेट या सीट बेल्ट का उपयोग ज़रूर करें।

 * मोबाइल से बचें: सड़क पार करते समय या वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, हेडफोन या अन्य किसी भी तरह के डिस्ट्रैक्शन से बचें।

थाना प्रभारी जयप्रकाश त्रिपाठी ने छात्राओं से अपील की कि वे इन जानकारियों को सिर्फ सुनें नहीं, बल्कि इन्हें अपनी रोज़मर्रा की जिंदगी में लागू करें। उन्होंने कहा कि पुलिस हमेशा उनकी मदद के लिए तैयार है, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना देने में बिल्कुल न हिचकिचाएं। यह जागरूकता कार्यक्रम एक सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में सांची पुलिस का एक सराहनीय कदम है।


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