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सीवर लाइन हादसा: 15 घंटे के रेस्क्यू के बाद दोनों मजदूरों के शव बरामद, लापरवाही पर उठे सवाल

2025-07-18  Editor Shubham Jain  600 views

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शहडोल, मध्य प्रदेश: शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 में सीवर लाइन बिछाने के दौरान हुए एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मिट्टी में दबने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जिसके बाद 15 घंटे से अधिक समय तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन ने प्रशासन और स्थानीय लोगों को सांसत में डाल दिया। यह घटना गुरुवार (जुलाई 17, 2025) दोपहर की है, जब गुजरात की एक निजी कंपनी द्वारा सीवर लाइन बिछाने का काम किया जा रहा था।
दर्दनाक हादसा और लंबा रेस्क्यू
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, सीवर लाइन में पाइप बिछाने के लिए गहरी खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिसे "लैंडस्लाइडिंग" बताया जा रहा है। इस मिट्टी के ढेर में दो मजदूर दब गए। हादसे की खबर मिलते ही तत्काल प्रभाव से बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। पहले मजदूर को लगभग 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।


दूसरे मजदूर को बचाने का प्रयास और भी चुनौतीपूर्ण साबित हुआ। मिट्टी की गहराई और लगातार धंसने के खतरे के कारण बचाव दल को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पोकलेन मशीन और अन्य भारी उपकरणों की मदद से लगातार खुदाई की गई। लगभग 15 घंटे तक चले इस अथक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शुक्रवार सुबह (जुलाई 18, 2025) दूसरे मजदूर का शव भी मलबे से बरामद कर लिया गया। इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस बल और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे और लगातार स्थिति की निगरानी करते रहे।
लापरवाही का आरोप और कंपनी पर सवाल
इस दुखद घटना ने सीवर लाइन के काम में लगी गुजरात की कंपनी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार, यह काम लंबे समय से लापरवाही और "लेटलतीफी" से किया जा रहा था। सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप भी लग रहे हैं। प्रारंभिक जांच में भी यह बात सामने आई है कि खुदाई के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह हादसा हुआ। मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कंपनी की उदासीनता सवालों के घेरे में है।
यह पहला मौका नहीं है जब निर्माण कार्यों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण ऐसी घटनाएं हुई हैं। अक्सर बड़े प्रोजेक्ट्स में लागत कम करने और काम जल्दी निपटाने के चक्कर में मजदूरों की जान जोखिम में डाल दी जाती है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सरकार और प्रशासन ऐसी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे जो अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं।
आगे की कार्रवाई


फिलहाल, दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। यह देखना होगा कि इस मामले में कंपनी के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है और क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इस हादसे ने उन सभी मजदूरों के जीवन पर फिर से प्रकाश डाला है जो जान जोखिम में डालकर विकास कार्यों में अपना योगदान देते हैं


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