
वसीम कुरेशी सांची, मध्य प्रदेश: 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान-2025 के अंतर्गत सांची में एक नई पहल शुरू हुई है। सोमवार को नगर परिषद सांची ने रामलीला मैदान में एक बड़ा श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ सफाई करना नहीं था, बल्कि समाज में स्वच्छता और नशामुक्ति का एक मजबूत संदेश देना था।
इस कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, खेल प्रशिक्षक भानु यादव, पार्षदगण और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर मैदान की सफाई की और समाज को यह दिखाया कि स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
बच्चों ने किया श्रमदान, दिया प्रेरक संदेश
इस अभियान में स्कूली बच्चों की भागीदारी सबसे खास रही। उन्होंने झाड़ू उठाकर न केवल रामलीला मैदान को साफ किया, बल्कि यह भी संदेश दिया कि समाज को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी की भी है। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोग प्रभावित हुए और उन्होंने भी बच्चों के साथ मिलकर काम किया। यह बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव रहा, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सके।
स्वच्छता के साथ नशामुक्ति का भी संकल्प
श्रमदान के बाद, कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों को दो महत्वपूर्ण शपथ दिलाई गईं - स्वच्छता की शपथ और नशामुक्ति की शपथ। सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने शहर और समाज को गंदगी के साथ-साथ नशे जैसी बुरी आदतों से भी मुक्त करेंगे।
यह पहल दिखाती है कि सांची नगर परिषद सिर्फ साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रही, बल्कि समाज को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का प्रयास भी कर रही है। यह कार्यक्रम न केवल शहर को साफ-सुथरा रखने का एक कदम है, बल्कि यह एक स्वस्थ और जागरूक समाज बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
इस तरह के कार्यक्रम समाज को जोड़ने और उसमें सकारात्मक बदलाव लाने में बहुत मददगार होते हैं। सांची नगर परिषद की यह पहल निश्चित रूप से अन्य शहरों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनेगी।