
मध्यप्रदेश अब सिर्फ बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि छोटे निवेशकों और किसानों को भी ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनाने जा रहा है! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई में "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति होगी। यह योजना किसानों को न केवल सस्ती बिजली देगी, बल्कि उन्हें निवेशक बनने का भी शानदार मौका मिलेगा, जिससे वे बिजली के बिल से भी मुक्त हो सकेंगे।
एमपी की सौर ऊर्जा से दिल्ली की मेट्रो दौड़ रही है!
यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में उत्पादित सौर ऊर्जा से आज नई दिल्ली में मेट्रो ट्रेनें चल रही हैं और कई घरों को रोशन किया जा रहा है। यह प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व प्रगति को दर्शाता है। अब पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर 6-6 महीने के लिए सोलर प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय सहयोग और ऊर्जा साझाकरण को बढ़ावा मिलेगा।
छोटे निवेशक, बड़ा असर: "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से मिलेगी नई दिशा
कुशाभाऊ इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में हुई "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" समिट में देश और प्रदेश के 350 से अधिक निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस योजना का एक मुख्य आकर्षण छोटे निवेशकों को इसमें शामिल करना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पहल को "सराहनीय प्रयास" बताया, जो दर्शाता है कि सरकार सिर्फ बड़े औद्योगिक घरानों पर ही निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि आम लोगों को भी इस हरित ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनाना चाहती है।
पीएम मोदी का सपना, डॉ. यादव का संकल्प: प्रदूषण मुक्त और सस्ती बिजली
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने जोर देकर कहा कि यह समिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देश को सौर ऊर्जा में अग्रणी बनाने के सपने को पूरा करने में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि यह योजना 1900 सब-स्टेशनों पर 100 प्रतिशत क्षमता तक की परियोजनाओं को मिशन मोड में लागू करेगी। मंत्री तोमर ने कहा कि इससे सस्ती बिजली मिलेगी और प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी, जो न केवल पर्यावरण के लिए अच्छा है बल्कि नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर है।
'वोकल फॉर लोकल' और 24,000 नई नौकरियां!
यह योजना केवल ऊर्जा उत्पादन तक सीमित नहीं है। इसमें 'वोकल फॉर लोकल' के मिशन को भी गति मिलेगी, क्योंकि यह स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश और रोजगार सृजन के पर्याप्त अवसर प्रदान करेगी। मोहासा बाबई में नवकरणीय ऊर्जा उपकरणों के निर्माण के लिए 22 इकाइयों का भूमि-पूजन पहले ही किया जा चुका है, जिससे 24,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। यह प्रदेश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।
एमपी की ऊर्जा क्षमता में शानदार उछाल
मध्यप्रदेश ने पिछले कुछ सालों में अपनी नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 15 गुना की वृद्धि दर्ज की है। इसमें सौर ऊर्जा में 48% और पवन ऊर्जा में 19% की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में प्रदेश में 9300 मेगावॉट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं संचालित हैं। सरकार वर्ष 2025 तक प्रदेश के सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य भी लेकर चल रही है।
किसानों का भविष्य होगा रोशन: 32 लाख सोलर पंप कनेक्शन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सोलर एनर्जी से किसानों की जीवन-शैली भी बदलेगी और उन्हें बिजली के बिल से मुक्ति मिलेगी। आगामी तीन वर्षों में 32 लाख सोलर पंप कनेक्शन लगाए जाएंगे, जिससे किसान आत्मनिर्भर बनेंगे और अपनी कृषि गतिविधियों के लिए स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा का उपयोग कर पाएंगे।
"सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" मध्यप्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया मुकाम देगी। यह न केवल प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाएगी, बल्कि छोटे निवेशकों और किसानों को सशक्त कर एक मजबूत और हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।
क्या आप इस ऊर्जा क्रांति का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं?