
राघवेन्द्र दांगी विदिशा, मध्य प्रदेश: विदिशा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ग्राम शहरवासा में हुए अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया है. पुलिस ने 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की जांच, 150 से अधिक लोगों से पूछताछ और दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस जघन्य अपराध के पीछे का मकसद जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे.
1400 रुपये के लिए कर दी थी हत्या
यह दिल दहला देने वाली घटना 24 और 25 अगस्त 2025 की दरमियानी रात की है. ग्राम शहरवासा में एक खेत में देशराज अहिरवार नाम के युवक का शव मिला, जो कीचड़ में सना हुआ था. उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी. इस मामले में तत्काल थाना पठारी में अपराध क्रमांक 148/25, धारा 103(1), 309(4), 238 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए, विदिशा के पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी खुद मौके पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया. पुलिस की टीम के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि हत्यारों का कोई सुराग नहीं था. लेकिन, पुलिस ने हार नहीं मानी.
सीसीटीवी और मुखबिर बने हत्यारों का काल
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सुश्री रोशनी सिंह के मार्गदर्शन में थाना पठारी, थाना पथरिया और साइबर सेल की एक विशेष टीम का गठन किया गया. इस टीम ने जांच के लिए हाई-टेक और पारंपरिक तरीकों का इस्तेमाल किया.
जांच टीम ने सबसे पहले घटना स्थल के आस-पास लगे 200 से भी ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले. इसके साथ ही, लगभग 150 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई. पुलिस की मेहनत तब रंग लाई, जब तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपियों तक जा पहुंची.
जांच में खुलासा हुआ कि मृतक देशराज अहिरवार की हत्या महज 1400 रुपये की लूट के लिए की गई थी. यह जानकर पुलिस भी स्तब्ध रह गई.
पकड़े गए दोनों आरोपी
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
* मोनू वंशकार (उम्र 20 वर्ष)
* सौरभ वंशकार (उम्र 19 वर्ष)
दोनों आरोपी ग्राम साहिबा के रहने वाले हैं.
इस सफल ऑपरेशन में थाना प्रभारी पठारी गौरव वाजपेई, थाना प्रभारी पथरिया ऋतुराज बिनजारे, साइबर सेल प्रभारी गौरव रघुवंशी और उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान रहा. पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी कानून की नजर से बच नहीं सकते.