
नई दिल्ली: ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हाल ही में सामने आए एक मामले में स्कैमर्स ने लोगों को फंसाने के लिए 19 अलग-अलग फर्जी पहचान तैयार कीं। रिपोर्ट के अनुसार, जब पीड़ित ने स्कैमर्स के निर्देशों के अनुसार पैसे ट्रांसफर किए, तो उन्हें हर बार प्रोसेसिंग या रिकवरी फीस के बहाने और अधिक रकम जमा करने के लिए मजबूर किया गया।
जैसे-जैसे यह ठगी आगे बढ़ती गई, स्कैमर्स ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। उन्होंने यह दावा किया कि उसकी जमा की गई रकम धोखाधड़ी वाले खातों में चली गई है और उसे वापस पाने के लिए उसे और पैसे देने होंगे। महीनों तक चली इस चालबाजी में पीड़ित को करोड़ों रुपये की चपत लगाई गई।
पुलिस ने जारी की चेतावनी
इस मामले की जांच कर रही पुलिस ने नागरिकों को आगाह किया है कि वे ऐसे झूठे कॉल या निवेश योजनाओं से सतर्क रहें जो बहुत आकर्षक ऑफर देकर लुभाने की कोशिश करते हैं। पुलिस ने कहा कि इंश्योरेंस और वित्तीय लाभ के नाम पर साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
पुलिस की सलाह:
1. अनजान नंबरों से आने वाले कॉल्स से सतर्क रहें, खासकर जब वे खुद को सरकारी अधिकारी या वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बताएं।
2. कोई भी निवेश करने से पहले संबंधित एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संपर्क विवरण की पुष्टि करें।
3. किसी को भी अपने बैंक खाते या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
4. यदि आपको किसी स्कैम का शक हो, तो तुरंत निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करें।
पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे बेहतर तरीका है।