
दमोह: सागर लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को दमोह में सहायक आयुक्त सहकारिता कार्यालय में पदस्थ ऑडिटर आर.पी. कोरी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खिरिया मड़ला सहकारी समिति के प्रभारी मैनेजर जीवनलाल पटेल की शिकायत पर की गई।
शिकायत की पृष्ठभूमि:
समिति मैनेजर जीवनलाल पटेल ने बताया कि ऑडिटर आर.पी. कोरी उनकी सहकारी समिति की ऑडिट करने के लिए 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहे थे। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तो कोरी ने ऑडिट में गड़बड़ियां निकालने की धमकी दी, जिससे समिति को कई समस्याएं हो सकती थीं। इसके बाद, जीवनलाल ने 25 दिसंबर को सागर लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई।
रिश्वत की रकम और ट्रैप की प्रक्रिया:
26 दिसंबर को लोकायुक्त की टीम दमोह पहुंची। शिकायतकर्ता ने कोरी से 15 हजार रुपये में सौदा तय किया, जिसकी रिकॉर्डिंग लोकायुक्त टीम के पास है। रिश्वत की रकम जुटाने के लिए जीवनलाल ने अपनी 14 क्विंटल 80 किलो धान बेची। शुक्रवार को जब ऑडिटर को रिश्वत दी गई, उसी समय लोकायुक्त की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
लोकायुक्त का बयान:
सागर लोकायुक्त टीम के टीआई केपीएस बेन ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। ऑडिटर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। इस कार्रवाई में डीएसपी बी.एम. द्विवेदी समेत पूरी लोकायुक्त टीम शामिल रही।