
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर संदीप जी आर ने जिले की कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से एक साथ 41 आदतन अपराधियों को जिला बदर करने का आदेश जारी किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से ही आपराधिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।
शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर संदीप जी आर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि जिले के नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्रशासन का प्रथम कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि जो अपराधी बार-बार अपराध कर जन-सामान्य के लिए खतरा बन रहे थे, उन्हें चिन्हित कर यह कड़ी कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' का संदेश साफ है—सागर में गुंडागर्दी और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है।
किन अपराधियों पर गिरी गाज? (पूरी सूची)
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अलग-अलग थाना क्षेत्रों के शातिर बदमाशों को 3 महीने से लेकर 12 महीने तक की अवधि के लिए सागर और उसके सीमावर्ती जिलों से बाहर रहने का फरमान सुनाया गया है।
प्रमुख नाम और उनकी अवधि:
* 12 माह के लिए निष्कासित: ऐशु उर्फ यशवंत अहिरवार (सागर), देवांश उर्फ छोटू सोनी (पंतनगर), राजा कोरी (काकागंज), सूरज आट्या (मोतीनगर), गोविंद उर्फ भूरा अहिरवार (खिमलासा) और रामनेश यादव (राहतगढ़)।
* 10 माह के लिए बाहर: राजू यादव (शाहगढ़), निरंजन राजपूत (खुरई), श्रीकांत लोधी (केसली) और राजेश अहिरवार (सागर)।
* अन्य अपराधी: राजू यादव (10 माह), गब्बर कुरैशी (5 माह), गौरव रैकवार (6 माह), सत्येंद्र अहिरवार (6 माह), राहुल कुर्मी (6 माह), समर सिंह लोधी (4 माह), दिनेश उर्फ काली अहिरवार (9 माह), मुलायम सिंह (8 माह), पिट्टू उर्फ प्रदीप राजपूत (9 माह), मनीष यादव (7 माह), राजकुमार अहिरवार (8 माह), रज्जी उर्फ राजकुमार यादव (6 माह), पप्पू उर्फ पवन उपाध्याय (6 माह), सरसन कुर्मी (5 माह), हल्के उर्फ सोहन ठाकुर (6 माह), अनुज सिंह दांगी (6 माह), सलमान खान (6 माह), कमलेश उर्फ करिया लोधी (5 माह), महेंद्र सगोनिया (5 माह), दानिश खान (6 माह), रामेश्वर जाटव (6 माह), अनस अली (4 माह), बिट्टू उर्फ मोगली (6 माह), मोहन पटेल (9 माह), हुमाम अहमद (4 माह), गौरव उर्फ चिन्नू घारू (9 माह), राहुल यादव (3 माह), इकबाल खान (4 माह), जाहर लोधी (6 माह), देवराज लोधी (5 माह), वीरेंद्र उर्फ भूरे (6 माह) और हल्के उर्फ रामसहाय यादव (7 माह)।
पुलिस की रडार पर थे ये बदमाश
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत की गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन सभी आरोपियों पर मारपीट, अवैध वसूली, चोरी और शांति भंग करने जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। बार-बार चेतावनी के बाद भी इनके व्यवहार में सुधार न होने के कारण कलेक्टर ने फाइल पर हस्ताक्षर कर इन्हें जिला बदर कर दिया
आम जनता ने ली राहत की सांस
सागर जिले के विभिन्न इलाकों जैसे खुरई, बीना, केसली, रहली, गढ़ाकोटा और गौरझामर में सक्रिय इन बदमाशों के बाहर होने से स्थानीय निवासियों ने खुशी जताई है। पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि इनमें से कोई भी अपराधी आदेश का उल्लंघन करते हुए जिले की सीमा में पाया जाता है, तो उस पर तत्काल नई एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।