
सांची। रायसेन जिले की सांची पुलिस ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल की है। लंबे समय से न्यायालय की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ सघन अभियान चलाते हुए पुलिस ने एक साथ 09 स्थाई वारंटों की तामील कराई है। इस कार्रवाई से इलाके के बदमाशों और फरार अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
सादिक पर दर्ज थे 8 वारंट, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कामयाबी शातिर आरोपी सादिक (25 वर्ष), पिता उस्मान की गिरफ्तारी रही। इस्लामनगर (कबीट वाली मस्जिद के पास) का निवासी सादिक लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस के अनुसार, सादिक के विरुद्ध अकेले थाना सांची से 06 और थाना सलामतपुर से 02 स्थाई वारंट जारी थे। कुल 8 मामलों में वांछित इस आरोपी को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, जिसे टीम ने सूझबूझ से अंजाम दिया।
पॉस्को एक्ट का गंभीर आरोपी भी चढ़ा हत्थे
केवल चोरी या मारपीट ही नहीं, बल्कि सांची पुलिस ने महिला एवं बाल अपराधों के प्रति भी कड़ा रुख अपनाया है। इसी कड़ी में पॉस्को एक्ट (POCSO Act) जैसे गंभीर मामले में फरार चल रहे आरोपी धर्मराज उर्फ गोलू (निवासी मरमटा) को भी गिरफ्तार किया गया है। गोलू की गिरफ्तारी को क्षेत्र में महिला सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम की जांबाजी
यह पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी ने एक विशेष रणनीति तैयार की और फरार आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। इस सफल ऑपरेशन में पुलिस टीम के अन्य सदस्यों का भी सराहनीय योगदान रहा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
* प्रधान आरक्षक: सुरेंद्र सिंह
* आरक्षक: मिथुन ठाकुर
* आरक्षक: शैलेंद्र सिंह
क्षेत्र में बढ़ा पुलिस का खौफ, कानून का इकबाल बुलंद
थाना सांची पुलिस की इस सक्रियता से आम जनता ने राहत की सांस ली है। एक साथ 9 वारंटों की तामील करना यह दर्शाता है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। पुलिस प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।