
सांची, [वसीम कुरेशी ] – सांची ब्लॉक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर के खास निर्देशों पर, ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर (BRCC) अयोध्या प्रसाद शर्मा और ब्लॉक एकेडमिक कोऑर्डिनेटर (BAC) पवन रजक ने कई सरकारी स्कूलों का अचानक दौरा किया। इस औचक निरीक्षण का मकसद यह जानना था कि स्कूलों में पढ़ाई कैसी चल रही है और क्या सब कुछ समय पर हो रहा है।
किन स्कूलों का हुआ निरीक्षण?
निरीक्षण दल ने माध्यमिक विद्यालय बारला, माध्यमिक विद्यालय आमखेड़ा, प्राथमिक विद्यालय ढकना, माध्यमिक विद्यालय माखनी और माध्यमिक विद्यालय बिलारा का जायजा लिया। अच्छी बात यह रही कि सभी स्कूल नियमित रूप से खुले पाए गए। यह दिखाता है कि बच्चे स्कूल आ रहे हैं और शिक्षक भी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं।
BRCC शर्मा की शिक्षकों को दो टूक
BRCC शर्मा ने शिक्षकों से बात करते हुए साफ कहा, "स्कूल सिर्फ किताबें पढ़ने की जगह नहीं हैं, ये हमारे देश के भविष्य की नींव हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि पढ़ाई की गुणवत्ता, समय का पालन और सरकारी योजनाओं को लागू करने में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसका मतलब है कि अब शिक्षकों को और भी जिम्मेदारी से काम करना होगा।
हर पहलू पर पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान, टीम ने सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि और भी कई चीजों पर गौर किया। उन्होंने देखा कि स्कूलों में बच्चों के लिए सीखने का सामान कैसा है, सफाई कैसी है, मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) कैसा बन रहा है। साथ ही, बच्चों की उपस्थिति और वे कैसे पढ़ रहे हैं, इन सब बातों पर भी बारीकी से ध्यान दिया गया। टीम ने बच्चों से बात करके उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी भी ली।
जवाबदेही और पारदर्शिता की ओर बढ़ा कदम
इस तरह के लगातार निरीक्षण अभियान से उम्मीद है कि शिक्षा व्यवस्था और भी ज्यादा जवाबदेह बनेगी, उसमें पारदर्शिता आएगी और इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखेगा। यह निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक कदम है।
क्या आपके क्षेत्र में भी ऐसे निरीक्षण हो रहे हैं? हमें बताएं कि उनका क्या असर दिख रहा है!