
वसीम कुरेशी सांची। रविवार को सांची नगर में एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई। वार्ड क्रमांक-1 स्थित ऐतिहासिक पुरनिया तालाब पर विकसित की गई 'नमो वाटिका' का लोकार्पण केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। इस दौरान उन्होंने खुद पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जो आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
जल और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री चौहान ने कहा कि जल और पर्यावरण का संरक्षण अब सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि हमारी जीवनरेखा बन चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और इसके लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने खासतौर पर सांची की महिलाओं से एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि “आप सब मिलकर ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें। ऐसा करके आप न केवल अपने शहर को हरा-भरा बनाएंगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी एक स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण का अनमोल तोहफा दे पाएंगी।”
एक नई पहचान, एक नया संकल्प
'नमो वाटिका' सिर्फ एक बगीचा नहीं, बल्कि सांची की ऐतिहासिक धरोहर को नई पहचान देने की एक कोशिश है। पुरनिया तालाब, जो सदियों से इस शहर का हिस्सा रहा है, अब इस नई वाटिका के साथ मिलकर हरियाली और समृद्धि का प्रतीक बन गया है। इस पहल ने न केवल स्थानीय लोगों में उत्साह भरा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक मजबूत संकल्प को भी जन्म दिया है। यह दिखाता है कि कैसे छोटे-छोटे कदम मिलकर एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
जनप्रतिनिधि और नागरिकों का साथ
इस खास मौके पर सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह, नगर परिषद अध्यक्ष पप्पू रेवाराम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि राकेश शर्मा समेत बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। इस तरह के आयोजनों में जनप्रतिनिधियों और आम जनता का एक साथ आना, यह दर्शाता है कि पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दों पर सबका एकमत है और हर कोई इस मिशन में अपना योगदान देना चाहता है।
'नमो वाटिका' का उद्घाटन सांची के लिए एक नई सुबह लेकर आया है, जहाँ प्रकृति और विकास साथ-साथ चलेंगे। यह पहल हमें याद दिलाती है कि हमारी संस्कृति और परंपरा में प्रकृति का सम्मान हमेशा से रहा है और हमें इसे बनाए रखने की जिम्मेदारी उठानी होगी।