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सांची की विरासत पर संकट? हाईवे निर्माण को लेकर भड़के लोग, पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी को घेरा

2026-01-03  Raisen Waseem kureshi  354 views

ImgResizer_IMG-20260103-WA0018सांची। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी सांची की ऐतिहासिक पहचान और स्थानीय लोगों के आशियानों पर 'फोरलेन' का साया मंडराने लगा है। भोपाल-विदिशा हाईवे के चौड़ीकरण को लेकर नगरवासियों की चिंताएं अब विरोध की शक्ल लेने लगी हैं। सांची के वार्ड क्रमांक 10 और 11 में आयोजित एक भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्रीय विधायक और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी को ज्ञापन सौंपकर अपनी दो टूक मांग रख दी है।

"मकान टूटे न दुकान छूटे": नगरवासियों की बड़ी मांग

सांची नगर परिषद क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि विकास की रफ्तार में सांची की विरासत और स्थानीय लोगों का रोजगार नहीं कुचलना चाहिए। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि हाईवे का निर्माण 'सेंटर लाइन' (मध्य रेखा) को आधार मानकर दोनों ओर समान रूप से किया जाए।

अक्सर हाईवे निर्माण में देखा जाता है कि एक तरफ अधिक जमीन लेने से पुराने भवन, दुकानें और धार्मिक स्थल जद में आ जाते हैं। सांची के लोगों का तर्क है कि यदि सड़क को बीच से दोनों तरफ बराबर फैलाया जाता है, तो शहर का ढांचागत संतुलन बना रहेगा और किसी को भी बेघर होने या अपनी दुकान खोने का डर नहीं रहेगा।

विरासत और विकास के बीच संतुलन की चुनौती

सांची केवल एक कस्बा नहीं, बल्कि यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। स्थानीय लोगों का मानना है कि निर्माण प्रक्रिया में जरा सी लापरवाही ऐतिहासिक संरचनाओं और शहर की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचा सकती है। ज्ञापन सौंपने वालों में शामिल राजबहादुर सिंह राणा (राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा) और वरिष्ठ भाजपा नेता जवाहर सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करना शासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

विधायक का आश्वासन: सांची के हितों से समझौता नहीं

भारी भीड़ और नागरिकों के आक्रोश को देखते हुए विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने लोगों की बातों को ध्यान से सुना। उन्होंने नगरवासियों को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों की वजह से सांची की धरोहर को कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा, “सांची के नागरिकों की मांगों को शासन स्तर पर पूरी मजबूती के साथ रखा जाएगा। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हाईवे निर्माण में कम से कम विस्थापन हो और नगर की संरचना सुरक्षित रहे।”

कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब

ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष रेवाराम अहिरवार, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह राजपूत सहित वीरेंद्र तोमर, शंकर सिंह राणा, वीर सिंह राजपूत और बड़ी संख्या में पार्षदगण मौजूद थे। नागरिकों ने एकजुट होकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा कर एकतरफा निर्माण किया गया, तो वे अपनी संपत्तियों को बचाने के लिए बड़ा आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।


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