सांची। आज के दौर में जहां अपराध और साइबर फ्रॉड के खतरे बढ़ रहे हैं, वहीं मध्य प्रदेश पुलिस ने नई पीढ़ी को फौलाद बनाने का जिम्मा उठा लिया है। सांची के एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, उचेर में 'सामुदायिक पुलिस योजना' के तहत एक भव्य 15 दिवसीय सशक्तिकरण–सृजन कार्यक्रम का आगाज हुआ है।
इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य किशोर-किशोरियों को न केवल जागरूक करना है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़कर एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
शानदार आगाज: दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। सांची थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की, जबकि अध्यक्षता विद्यालय प्राचार्य अनिल पुरोहित ने की। पुलिस विभाग, जिला प्रशासन रायसेन और समर्थ संस्था के इस साझा प्रयास ने पूरे उचेर क्षेत्र में चर्चा बटोर ली है।
70 युवाओं की बदलेगी किस्मत
इस विशेष कैंप में उचेर क्षेत्र के उन 70 बच्चों को चुना गया है, जिनका विकास की मुख्यधारा से अब तक सीमित जुड़ाव रहा है। समर्थ संस्था के परियोजना समन्वयक सुमित राय ने बताया कि इन 15 दिनों में बच्चों के व्यक्तित्व को पूरी तरह तराशा जाएगा।
थाना प्रभारी ने सिखाए सुरक्षा के ‘गुरुमंत्र’
कार्यक्रम के सबसे आकर्षक हिस्से में थाना प्रभारी जे.पी. त्रिपाठी ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किताबी ज्ञान के बजाय व्यावहारिक सुरक्षा पर जोर दिया। संवाद के दौरान निम्नलिखित अहम मुद्दों पर चर्चा हुई:
* साइबर सुरक्षा: इंटरनेट की दुनिया में ठगी से कैसे बचें।
* गुड टच-बैड टच: अपनी सुरक्षा और अधिकारों की पहचान।
* यातायात नियम: सड़क पर सावधानी ही सुरक्षा है।
* आत्मरक्षा: मुसीबत के समय खुद को बचाने के दांव-पेंच।
* सामाजिक बुराइयां: बाल विवाह, बाल श्रम और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाना।
जागरूक भविष्य की ओर एक कदम
सरपंच अरविंद लवरिया, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस पहल की सराहना की। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे अपराध मुक्त समाज बनाने में योगदान देंगे।
सांची के उचेर में शुरू हुआ यह सृजन कार्यक्रम केवल एक ट्रेनिंग नहीं, बल्कि एक बदलाव की लहर है। अगले 15 दिनों तक चलने वाला यह सफर इन किशोरों को जीवन की हर मुश्किल परिस्थिति से लड़ने के लिए तैयार करेगा।