ईओडब्ल्यू ने दबोचा, 5,000 रुपये की घूस लेते पकड़ा गया भ्रष्टाचार का खिलाड़ी
सतना। भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसते हुए आर्थिक अपराध शाखा (EOW) रीवा की टीम ने सतना जिले के ग्राम पंचायत सोहौला, जनपद पंचायत सोहावल के रोजगार सहायक पंकज तिवारी को 5,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी सरकारी भुगतान जारी करने के बदले 10% कमीशन की मांग कर रहा था।
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कैसे हुआ खुलासा?
ग्राम पंचायत सोहौला में पानी की टंकी और दो नालियों के निर्माण के लिए 1.60 लाख रुपये मंजूर हुए थे। लेकिन रोजगार सहायक पंकज तिवारी ने यह राशि जारी करने के लिए अपनी रिपोर्ट और आईडी देने के बदले रिश्वत मांग ली।
भगवान दास चौरसिया, जो कि इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे, ने जब अपनी मेहनत की राशि मांगी, तो पंकज तिवारी ने 10% कमीशन यानी 5,000 रुपये देने की शर्त रख दी।
भगवान दास ने इसकी शिकायत ईओडब्ल्यू रीवा टीम से कर दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने का प्लान बनाया।
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ऐसे बिछाया गया जाल
ईओडब्ल्यू की टीम ने भगवान दास को आरोपी से बाबूपुर (सतना) के संस्कृत विद्यालय के सामने पैसे देने भेजा। जैसे ही पंकज तिवारी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने उसे धर दबोचा।
21 मार्च 2025 को हुई इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लेकर हड़कंप मच गया।
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अब क्या होगा?
ईओडब्ल्यू ने पंकज तिवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब यह भी जांच होगी कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल था?
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भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन का सख्त संदेश
यह मामला साफ दिखाता है कि सरकारी योजनाओं का पैसा किस तरह बिचौलिए हड़पने की कोशिश करते हैं। लेकिन प्रशासन अब ऐसे भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।
क्या रिश्वतखोरी पर लगाम लगेगी? या फिर ऐसे मामले बार-बार सामने आते रहेंगे? अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं!